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World Hindu Congress: 'दुनिया को भारत से रास्ता दिखाने की उम्मीद', विश्व हिंदू कांग्रेस सम्मेलन में मोहन भागवत
Fri, 24 Nov 2023 11:05 AM IST
काव्या मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बैंकॉक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बैंकॉक
Published by: काव्या मिश्रा
Updated Fri, 24 Nov 2023 11:05 AM IST
सार
भागवत ने दुनिया भर के हिंदुओं से एक-दूसरे तक पहुंचने और दुनिया के साथ जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि हमें दुनिया के हर हिंदू तक पहुंचना होगा और सभी को साथ में लाना होगा।
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आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
विश्व हिंदू कांग्रेस सम्मेलन इस बार थाइलैंड की राजधानी बैंकाक में आयोजित हो रहा है। इसमें भाग लेने पहुंचे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि सब भौतिक सुख सुविधाएं प्राप्त करने के बाद भी दुनिया संतुष्ट नहीं है। भौतिकवाद, साम्यवाद और पूंजीवाद के प्रयोगों से लड़खड़ा रही दुनिया को भारत खुशी और संतुष्टि का रास्ता दिखाएगा।
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भागवत ने दुनिया भर के हिंदुओं से एक-दूसरे तक पहुंचने और दुनिया के साथ जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि हमें दुनिया के हर हिंदू तक पहुंचना होगा और सभी को साथ में लाना होगा। हिंदू एक साथ मिलकर दुनिया में हर किसी को जोड़ेंगे। चूंकि हिंदू अधिक संख्या में जुड़ रहे हैं, इसलिए दुनिया के साथ जुड़ने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि दुनिया कोविड महामारी के बाद महसूस कर रही है और यह सोचने में एकमत है कि भारत खुशी और संतुष्टि का रास्ता दिखाएगा।
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दुनिया अब लड़खड़ा रही
मोहन भागवत ने आगे कहा, 'आज की दुनिया अब लड़खड़ा रही है। इसने दो हजार वर्षों से खुशी, आनंद और शांति लाने के लिए कई सारे प्रयोग किए हैं। इतना ही नहीं, भौतिकवाद, साम्यवाद और पूंजीवाद की कोशिश की है। सब भौतिक सुख प्राप्त कर लिया है, लेकिन फिर भी संतुष्टि नहीं है।'
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भारत से उम्मीद
उन्होंने कहा, ' भौतिक सुख सुविधाओं के बावजूद लोग खुश नहीं हैं। दुनिया ने कोविड काल के बाद पुनर्विचार शुरू कर दिया है। ऐसे में लगता है कि वे इस सोच में एकमत हैं कि भारत रास्ता दिखाएगा क्योंकि भारत पहले भी ऐसा कर चुका है। उन्हें भारत से उम्मीद है और वहीं हमारे समाज और राष्ट्र का भी यही उद्देश्य है।'
उन्होंने कहा, 'हमें जाना होगा और हर किसी से संपर्क करना होगा और उन्हें अपनी सेवा से हमारे पास लाना होगा। निस्वार्थ सेवा के मामले में हमें दुनिया पर बढ़त हासिल है। यह हमारी परंपरा और मूल्यों में है। इसलिए, आगे बढ़ो और दिलों के अलावा कुछ भी मत जीतो।
हमें साथ आना होगा
तीन दिवसीय सम्मेलन प्रतिनिधियों को दुनिया भर में हिंदुओं के सामने आने वाली चुनौतियों पर चर्चा करने का अवसर प्रदान करेगा। भागवत ने कहा कि हिंदुओं को वसुधैव कुटुंबकम की भावना के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी, पूरा विश्व एक परिवार है। उन्होंने कहा, 'इसे पूरा करने के लिए हमें साथ आना होगा, साथ रहना होगा और साथ मिलकर काम करना होगा। लेकिन हमारे पास सभी को साथ लेकर चलने की क्षमता होनी चाहिए।'
अगर हम विश्व में शांति और सद्भाव...
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा, 'कुछ महीने पहले, विश्व मुस्लिम परिषद के महासचिव भारत आए थे और वहां अपने भाषणों में उन्होंने कहा था कि अगर हम विश्व में शांति और सद्भाव चाहते हैं, तो भारत के साथ जुड़ना जरूरी है। इसलिए यह हमारा कर्तव्य है। यही कारण है कि हिंदू समाज अस्तित्व में आया।'