फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Action on supporters of former PM Imran Khan in Pakistan under Army Act and Official Secret Act

Pakistan: दमन को रास्ता अख्तियार कर पाकिस्तान को अस्थिरता में धकेल रही सेना?

Wed, 17 May 2023 06:18 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: Harendra Chaudhary Updated Wed, 17 May 2023 06:18 PM IST
सार

इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने कहा है कि जो लोग हिंसा में शामिल थे, वे उसके सदस्य नहीं थे। पार्टी नेताओं ने यह आरोप भी लगाया है कि पीटीआई विरोधी शक्तियों ने कुछ बाहरी लोगों को प्रदर्शनकारियों में शामिल करवा कर हिंसा कराई, ताकि पीटीआई को प्रतिबंधित करने का आधार तैयार हो सके...

विज्ञापन
Action on supporters of former PM Imran Khan in Pakistan under Army Act and Official Secret Act
पाकिस्तान में विरोध-प्रदर्शन। - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के समर्थकों पर आर्मी एक्ट और ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट के तहत कार्रवाई करने के सेना के फैसले पर राष्ट्रीय सुरक्षा समिति (एनएससी) की मुहर लगने के बाद देश में अस्थिरता और अनिश्चय का माहौल गहरा गया है। एनएससी सुरक्षा मामलों में पाकिस्तान की सर्वोच्च समिति है। मंगलवार को इसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में हुई, जिसमें सेनाध्यक्ष जनरल असीम मुनीर सहित तमाम बड़े सेना और खुफिया अधिकारी भी शामिल हुए।

विज्ञापन

यह बैठक इमरान खान की बीते नौ मई को हुई गिरफ्तारी के बाद देश भर में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों से पैदा हुई हालत पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी। इसके पहले सेनाध्यक्ष ने सेना के कोर कमांडरों के साथ बैठक की थी। बताया जाता है कि उसी बैठक में आर्मी एक्ट और ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट लगाने का फैसला हुआ था। एनएससी की बैठक में उस फैसले पर मुहर लगाई गई।

विज्ञापन

इसके पहले सेना के जन संपर्क विभाग इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने एक बयान में कहा था कि नौ मई को देश के इतिहास में एक काले अध्याय के रूप में याद किया जाएगा। आईएसपीआर ने कहा था- ‘राजनीतिक चोगा पहने कुछ लोगों ने सत्ता के लालच में वह कर दिखाया है, जो देश के बाहरी दुश्मन 75 साल में नहीं कर पाए।’ तभी इस बात का संकेत मिल गया था कि सेना इमरान खान के समर्थकों पर अब सख्ती से दमन करेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद हजारों की संख्या में उनके समर्थक देश भर में सड़कों पर उतर आए थे और उन्होंने खास तौर पर सेना के ठिकानों और उससे जुड़े प्रतीक चिन्हों को निशाना बनाया था। पश्चिम एशिया की वेबसाइट thecradle.co ने अपनी एक विशेष रिपोर्ट में बताया है कि सेना ने उन लोगों की पहचान करने का विशेष अभियान शुरू किया है, जो सैन्य ठिकानों पर हमलों और आगजनी में शामिल हुए थे। इस काम में नेशनल डेटाबेस एंड रजिस्ट्रेशन ऑथरिटी (एनएडीआरए) की मदद ली जा रही है।

इस बीच इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने कहा है कि जो लोग हिंसा में शामिल थे, वे उसके सदस्य नहीं थे। पार्टी नेताओं ने यह आरोप भी लगाया है कि पीटीआई विरोधी शक्तियों ने कुछ बाहरी लोगों को प्रदर्शनकारियों में शामिल करवा कर हिंसा कराई, ताकि पीटीआई को प्रतिबंधित करने का आधार तैयार हो सके। पीटीआई के महासचिव असद उमर अपनी गिरफ्तारी से पहले वेबसाइट द क्रैडल से बातचीत में आशंका जताई थी कि हिंसा करने वाले लोगों को सरकार की तरफ से भेजा गया था।

लंदन स्थित किंग्स कॉलेज के युद्ध अध्ययन केंद्र में सीनियर फेलॉ और पाकिस्तान के बारे में कई किताबों की लेखिका आयशा सिद्दिकी ने भी ऐसी आशंका जताई है। उन्होंने कहा है कि लाहौर में कोर कमांडर के निवास को जिस तरह बिना हिफाजत के छोड़ दिया गया, उसके पीछे एक मकसद नजर आता है। यह संभव है कि हिंसा को सेनाध्यक्ष जनरल मुनीर के समर्थक गुट ने बढ़ावा दिया। उन्होंने कहा- ‘सेना को पीछे खदेड़ कर पीटीआई समर्थक बहुत खुश हुए थे। लेकिन उनकी ये खुशी ज्यादा समय तक टिकने वाली नहीं है।’

जनरल मुनीर के इमरान खान से संबंध तब से खराब रहे हैं, जब इमरान प्रधानंत्री थे। जानकारों के मुताबिक पीटीआई नेताओं और कार्यकर्ताओं के दमन की तैयारी कर ली गई है। लेकिन इससे देश के अस्थिर होने की आशंका और भी गहरा गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed