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उपलब्धि: दो भारतीय मूल की दक्षिण अफ्रीकी महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय सम्मान
Sat, 13 Mar 2021 05:38 PM IST
योगेश साहू
पीटीआई, जोहानिसबर्ग।
पीटीआई, जोहानिसबर्ग।
Published by: योगेश साहू
Updated Sat, 13 Mar 2021 05:38 PM IST
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रबिया घूर और सुमैया वैली
- फोटो : Social Media
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दक्षिण अफ्रीका के प्रिटोरिया शहर में रहने वाली भारतीय मूल की दो युवा महिलाओं ने इस सप्ताह अपने अनुकरणीय नेतृत्वकारी कार्यों के लिए अंतरराष्ट्रीय सम्मान हासिल किया है। इनमें एक 21 वर्षीय सौंदर्य उत्पाद उद्यमी और दूसरी 30 वर्षीय वास्तुकार हैं।
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सौंदर्य उत्पाद उद्यमी राबिया घूर को 2021 के लिए फोर्ब्स वुमन अफ्रीका 'यंग अचीवर्स' पुरस्कार मिला, जबकि वास्तुकार सुमैया वैली को 2021 की टाइम्स-100 की सूची में शामिल किया गया। यह सम्मान उन लोगों को दिया जाता है जो अपनी नेतृत्वकारी क्षमता से भविष्य को नया आकार देते हैं।
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घूर को पुरस्कार की घोषणा वर्चुअल फोब्र्स शिखर सम्मेलन के दौरान की गई। घूर ने 14 साल की उम्र में 'स्विच ब्यूटी ’की शुरुआत की, जो उनका मेकअप और स्किनकेयर का ऑनलाइन ब्यूटी स्टोर है। दो साल बाद स्कूल से बाहर निकलकर वह कारोबार पर पूरा समय केंद्रित करने के लिए प्रेरित हुईं।
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घूर ने कहा कि मैंने सौन्दर्य ब्रांड बनाने के लिए उत्पाद के उद्गम स्थल, फॉर्मूलेशन, ई-कॉमर्स, पैकेजिंग, विनिर्माण, डिजाइन के अपने अंतिम लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए शोध करना शुरू किया, जो सीमाओं को नहीं तोड़ता और दूसरी ऐसी चीजों को बनाता था जिनका लोग वास्तव में उपयोग करते हैं।
लंदन की सर्पेन्टाइन गैलरियों के लिए पैवेलियन के डिजाइन में अपनी भूमिका के लिए टाइम्स-100 लिस्ट में जगह बनाने वाली वैली सबसे कम उम्र की आर्किटेक्ट बन गईं। वैली ने कंपनी काउंटरस्पेस की स्थापना पांच साल पहले कुछ दोस्तों के साथ साझेदारी में की थी, जब वह जोहानिसबर्ग विश्वविद्यालय के ग्रैजुएट स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर में व्याख्याता भी थीं। उन्होंने कहा कि कंपनी का गठन डिजाइन की एक भाषा विकसित करने के उद्देश्य से किया था।