{"_id":"6a6bfa669cf2af8eea048d6a","slug":"a-unique-experiment-involving-ai-cameras-touchscreens-monkeys-receive-bananas-as-rewards-for-completing-tasks-2026-07-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"बुद्धिमत्ता की परीक्षा: एआई कैमरे और टचस्क्रीन से हो रहा अनोखा प्रयोग, टास्क पूरा कर इनाम में केले पा रहे बंदर","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
बुद्धिमत्ता की परीक्षा: एआई कैमरे और टचस्क्रीन से हो रहा अनोखा प्रयोग, टास्क पूरा कर इनाम में केले पा रहे बंदर
Fri, 31 Jul 2026 06:59 AM IST
Pavan
एमिली एंथेस, द न्यूयॉर्क टाइम्स
एमिली एंथेस, द न्यूयॉर्क टाइम्स
Published by: Pavan
Updated Fri, 31 Jul 2026 06:59 AM IST
सार
कोस्टा रिका के जंगलों में वैज्ञानिक एआई कैमरों और पोर्टेबल टचस्क्रीन की मदद से जंगली बंदरों की बुद्धिमत्ता, याददाश्त और व्यवहार का अध्ययन कर रहे हैं। बंदर टास्क पूरा करने पर केले का इनाम पाते हैं। इस तकनीक से उनके भोजन, तनाव और सामाजिक व्यवहार का विश्लेषण कर विलुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
विज्ञापन
टास्क पूरा कर इनाम में केले पा रहे बंदर
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
कोस्टा रिका के घने और जैविक विविधता से भरे जंगलों में इन दिनों तकनीक और कुदरत का अनोखा मेल देखने को मिल रहा है। शोधकर्ता एआई कैमरों व पोर्टेबल टचस्क्रीन के जरिये बंदरों की बुद्धिमत्ता का परीक्षण कर रहे हैं। द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक बंदर स्क्रीन को अपनी उंगलियों से छूकर कुछ टास्क पूरे करते हैं और सही जवाब देने पर उन्हें इनाम के तौर पर केले के टुकड़े मिलते हैं।
यह भी पढ़ें- US: अमेरिका में पढ़ाई के बाद नौकरी करना होगा महंगा, ट्रंप प्रशासन के नए प्रस्ताव से भारतीयों की बढ़ेगी चिंता?
वैज्ञानिक इसके जरिये जंगली बंदरों विशेषकर व्हाइट-फेस्ड कैपुचिन की बुद्धिमत्ता, सोचने की क्षमता और याददाश्त का अध्ययन कर रहे हैं। इसका मकसद विलुप्त होने की कगार पर खड़ी बंदरों की प्रजातियों को बचाना भी है। जंगल में लगे ये स्मार्ट कैमरे सिर्फ तस्वीरें ही नहीं खींचते, बल्कि एआई एल्गोरिदम की मदद से बंदरों के आपसी व्यवहार, उनके भोजन के पैटर्न और तनाव के लक्षणों का भी विश्लेषण करते हैं।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें- US Medicare: ट्रंप प्रशासन बंद करेगा मेडिकेयर दवा सब्सिडी योजना, 2027 से लाखों बुजुर्गों का बढ़ सकता है खर्च
उत्सुकता से निहार रहे, जमकर लुत्फ उठा रहे
विशेषकर हाउलर और कैपुचिन प्रजाति के छोटे बंदर अक्सर कैमरों के लेंसों को उत्सुकता से निहारते हैं और स्क्रीन को छूकर पर टास्क भी पूरे कर रहे हैं। यहां के रेनफॉरेस्ट में रहने वाले बंदरों के लिए यह सब कौतूहल का विषय बना हुआ है। ये बंदर कैमरों के सामने अजीब तरह के करतब दिखाते नजर आते हैं। वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि बंदरों के संरक्षण की यह तकनीक बेहद कारगर होने वाली है।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें- US: अमेरिका में पढ़ाई के बाद नौकरी करना होगा महंगा, ट्रंप प्रशासन के नए प्रस्ताव से भारतीयों की बढ़ेगी चिंता?
विज्ञापन
वैज्ञानिक इसके जरिये जंगली बंदरों विशेषकर व्हाइट-फेस्ड कैपुचिन की बुद्धिमत्ता, सोचने की क्षमता और याददाश्त का अध्ययन कर रहे हैं। इसका मकसद विलुप्त होने की कगार पर खड़ी बंदरों की प्रजातियों को बचाना भी है। जंगल में लगे ये स्मार्ट कैमरे सिर्फ तस्वीरें ही नहीं खींचते, बल्कि एआई एल्गोरिदम की मदद से बंदरों के आपसी व्यवहार, उनके भोजन के पैटर्न और तनाव के लक्षणों का भी विश्लेषण करते हैं।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें- US Medicare: ट्रंप प्रशासन बंद करेगा मेडिकेयर दवा सब्सिडी योजना, 2027 से लाखों बुजुर्गों का बढ़ सकता है खर्च
उत्सुकता से निहार रहे, जमकर लुत्फ उठा रहे
विशेषकर हाउलर और कैपुचिन प्रजाति के छोटे बंदर अक्सर कैमरों के लेंसों को उत्सुकता से निहारते हैं और स्क्रीन को छूकर पर टास्क भी पूरे कर रहे हैं। यहां के रेनफॉरेस्ट में रहने वाले बंदरों के लिए यह सब कौतूहल का विषय बना हुआ है। ये बंदर कैमरों के सामने अजीब तरह के करतब दिखाते नजर आते हैं। वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि बंदरों के संरक्षण की यह तकनीक बेहद कारगर होने वाली है।