फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   9 Lifestyle Factors That Can Affect Your Mental Health

जीवनशैली में ये 9 साथ, तो हो सकते हैं पागल

Thu, 20 Jul 2017 05:38 PM IST
बीबीसी हिन्दी
बीबीसी हिन्दी Updated Thu, 20 Jul 2017 05:38 PM IST
विज्ञापन
9 Lifestyle Factors That Can Affect Your Mental Health
file
लैंसेट में एक अंतरराष्ट्रीय अध्ययन के मुताबिक़ पागलपन के हर तीन से एक मामले को रोका जा सकता है अगर लोग जीवन में मस्तिष्क के स्वास्थ्य का ख़्याल रखें। अध्ययन के मुताबिक पढ़ने-लिखने की आदत में कमी, सुनने में परेशानी, धूम्रपान और शारीरिक तौर पर कम सक्रिय होने से पागलपन का ख़तरा बढ़ सकता है।
विज्ञापन



लंदन में अलज़ाइमर की एसोसिएशन इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में यह अध्ययन पेश किया गया है। अध्ययन के मुताबिक़, एक अनुमान है कि दुनियाभर में 2050 तक क़रीब 13.1 करोड़ लोग पागलपन का शिकार हो सकते हैं।
विज्ञापन


अनुमान के मुताबिक़, वर्तमान में 4.7 करोड़ लोग इससे पीड़ित हैं। अध्ययन के मुख्य लेखक और यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के प्रोफ़ेसर गिल लिविंग्सटन ने कहा, "पागलपन का इलाज बाद में किया जा सकता है, लेकिन मानसिक बदलाव बहुत साल पहले ही शुरू हो जाते हैं।"
विज्ञापन
विज्ञापन



उन्होंने कहा, "अगर अभी इसके लिए एक्शन लिया जाएगा तो आगे चलकर पागलपन के शिकार लोगों और उनके परिवारों की ज़िंदगी में बड़ा बदलाव देखा जा सकता है. इससे समाज को भी सुधारा जा सकेगा।"

24 अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की ओर से किए गए इस अध्ययन के मुताबिक़, किसी भी व्यक्ति में पागलपन का ख़तरा बढ़ने और घटने की सबसे बड़ी वजह उनका रहन-सहन होता है।



ये हैं बड़े फ़ैक्टर

    आधी उम्र में सुनने की समस्या - 9%
    शिक्षा पूरी न कर पाना - 8%
    धूम्रपान- 5%
    डिप्रेशन - 4%
    शारीरिक सक्रियता में कमी - 3%
    समाज से दूरी यानी एकाकीपन- 2%
    हाई ब्लड प्रेशर - 2%
    मोटापा- 1%
    टाइप 2 डायबिटीज - 1%


ये रिस्क फ़ैक्टर क़रीब 35 फीसदी तक होते हैं जिन पर काबू किया जा सकता है लेकिन 65 फीसदी अन्य फ़ैक्टर हैं जिनमें व्यक्तिगत तौर पर कोई नियंत्रण नहीं होता। इससे बचने के उपायों का जिक्र करते हुए स्टडी में कहा गया कि धूम्रपान न करना, व्यायाम करना, वजन सही रखना, हाई ब्लडप्रेशर और डायबिटीज का इलाज़ न सिर्फ पागलपन, बल्कि कैंसर के ख़तरे से भी बचाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed