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मालदीव: भारत के साथ 100 से ज्यादा समझौतों की समीक्षा कर रही नई सरकार! भारतीय सैनिकों की मौजूदगी पर कही यह बात

Sun, 19 Nov 2023 11:14 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, माले
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, माले Published by: निर्मल कांत Updated Sun, 19 Nov 2023 11:14 PM IST
सार

Maldives: मोहम्मद मुइज्जू ने मालदीव से भारतीय सैन्य कर्मियों को निष्कासित करने के वादे को सोलिह के खिलाफ अपना राष्ट्रपति चुनाव का अभियान बनाया था। उन्होंने यह भी कहा था कि वह मालदीव और भारत के बीच समझौतों की समीक्षा करेंगे और जहां भी संभव होगा इसकी सामग्री का खुलासा करेंगे। 

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77 Indian military personnel in the Maldives; new govt reviewing more than 100 agreements with India: Official
मालदीव के नए राष्ट्रपति मुइज्जू और भारत के केंद्रीय मंत्री रिजिजू की मुलाकात - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मालदीव के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को कहा कि उनके देश में 77 भारतीय सैन्यकर्मी मौजूद हैं और वहां की नई सरकार नई दिल्ली के साथ हस्ताक्षरित सौ से ज्यादा समझौतों की समीक्षा कर रही है। इससे एक दिन पहले, द्वीप राष्ट्र के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने भारत से औपचारिक रूप से उन्हें वापस बुलाने के लिए का अनुरोध किया। 

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राष्ट्रपति कार्यालय में लोक नीति मामलों के अवर सचिव मोहम्मद फिरुजुल अब्दुल खलील ने यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि नए प्रशासन ने पुष्टि की है कि मालदीव में 77 भारतीय सैन्यकर्मी हैं। मालदीव के मीडिया ने फिरुजुल के हवाले से कहा कि पहले हेलीकॉप्टर के प्रबंधन के लिए 24 सैन्यकर्मी, डोर्नियर विमान के प्रबंधन के लिए 25 भारतीय, दूसरे हेलीकॉप्टर के प्रबंधन के लिए 26 कर्मी और रखरखाव व इंजीनियरिंग के लिए दो अन्य कर्मी हैं। 

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उन्होंने कहा कि सितंबर में राष्ट्रपति चुनाव जीतने वाले राष्ट्रपति मुइज्जू ने मालदीव से सभी 77 लोगों को निष्कासित करने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। मालदीव रणनीतिक हिंद महासागर क्षेत्र में भारत के प्रमुख समुद्री पड़ोसियों में से एक है और इब्राहिम मोहम्मद सोलिह की सरकार में रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्रों सहित समग्र द्विपक्षीय संबंध आगे बढ़े थे। 

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मालदीव भारत की 'पड़ोसी पहले' की नीति के सबसे बड़े लाभार्थियों में से एक है। केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्री किरेन रिजिजू के साथ शनिवार को यहां एक बैठक के दौरान मुइज्जू ने आधिकारिक तौर पर भारत सरकार से मालदीव से अपने सैन्य कर्मियों को हटाने का अनुरोध किया। रिजिजू ने मालदीव के नेता के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के एक दिन बाद अपने कार्यालय में चीन समर्थक नेता के तौर पर देखे जाने वाले मुइज्जू से मुलाकात की।

मुइज्जू ने मालदीव से भारतीय सैन्य कर्मियों को निष्कासित करने के वादे को सोलिह के खिलाफ अपना राष्ट्रपति चुनाव का अभियान बनाया था। उन्होंने यह भी कहा था कि वह मालदीव और भारत के बीच समझौतों की समीक्षा करेंगे और जहां भी संभव होगा इसकी सामग्री का खुलासा करेंगे। देश के एक प्रमुख समाचार वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक, फिरुजुल ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति सोलिह की सरकार ने भारत के साथ सौ से ज्यादा समझौतों पर हस्ताक्षर किए और नया प्रशासन उनकी समीक्षा कर रहा है। 

रिपोर्ट में कहा गया है कि जिन समझौतों पर सवाल उठाया जा रहा है, उनमें उथुरू थिला फालहू (यूटीएफ) समझौता और अन्य रक्षा समझौते शामिल हैं। इसमें कहा गया है कि पूर्ववर्ती प्रशासन ने मालदीव में तैनात भारतीय सैन्यकर्मियों की सही संख्या का खुलासा करने से इनकार कर दिया था। इसमें कहा गया है कि इससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा है। 

शुक्रवार को शपथ ग्रहण के तुरंत बाद राष्ट्रपति मुइज्जू ने कहा कि वह यह सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध हैं कि उनका देश अपनी स्वतंत्रता और संप्रभुता को बनाए रखने के लिए किसी भी विदेशी सैन्य मौजूदगी से मुक्त रहे। शनिवार को रिजिजू के साथ अपनी बैठक के दौरान राष्ट्रपति मुइज्जू ने औपचारिक रूप से भारत सरकार से मालदीव से अपने सैन्य कर्मियों को वापस बुलाने का अनुरोध किया। 

राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया, 'राष्ट्रपति (मोहम्मद मुइज्जू) ने इस बात का जिक्र किया कि सितंबर में हुए राष्ट्रपति चुनाव में मालदीव के लोगों ने उन्हें भारत से अनुरोध करने के लिए मजबूत जनादेश दिया था और उम्मीद जताई कि भारत मालदीव के लोगों की लोकतांत्रिक इच्छा का सम्मान करेगा।' रिजिजू के साथ इस मामले पर चर्चा करते हुए मुइज्जू ने मालदीव में कई आपातकालीन चिकित्सा निकासी प्रदान करने में दो हेलीकॉप्टरों की महत्वपूर्ण भूमिका को भी स्वीकार किया।

मालदीव हिंद महासागर क्षेत्र (आईओआर) में भारत का प्रमुख समुद्री पड़ोसी है और प्रधानमंत्री के सागर (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास) और पड़ोस पहले नीति के दृष्टिकोण में एक विशेष स्थान रखता है। 

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