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Sudan: सूडान में खुलेआम कुख्यात अर्धसैनिक समूह का तांडव; बाजार में 54 लोगों को उतारा मौत के घाट, 158 लोग घायल

Sat, 01 Feb 2025 09:08 PM IST
पवन पांडेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, खारतूम
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, खारतूम Published by: पवन पांडेय Updated Sat, 01 Feb 2025 09:08 PM IST
सार

सूडान में कुख्यात अर्धसैनिक समूह ने खुले बाजार पर हमला किया है। जिसमें 54 लोगों की मौत हो गई और कम से कम 158 लोग घायल हो गए है। वहीं इस हमले पर रैपि़ड सपोर्ट फोर्स (आरएसएफ) की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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54 killed and wounding at least 158 after Paramilitary group attacks an open market in Sudan, News in hindi
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI

विस्तार

सूडान में देश की सेना के खिलाफ लड़ने वाले एक कुख्यात अर्धसैनिक समूह ने ओमदुरमन शहर में एक खुले बाजार में आम लोगों पर हमला किया, जिसमें 54 लोग मारे गए हैं। सूडान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि शनिवार को सबरीन मार्केट पर रैपिड सपोर्ट फोर्स (आरएसएफ) की तरफ से किए गए हमले में कम से कम 158 अन्य लोग घायल हो गए हैं। हालांकि, आरएसएफ की ओर से इस पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की गई।
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सरकार ने की हमले की निंदा
वहीं सूडान के संस्कृति मंत्री और सरकार के प्रवक्ता खालिद अल-अलीसिर ने हमले की निंदा करते हुए कहा कि हताहतों में कई महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हमले के कारण 'निजी और सार्वजनिक संपत्तियों को व्यापक नुकसान पहुंचा है।' उन्होंने एक बयान में कहा, 'यह आपराधिक कृत्य इस मिलिशिया के खूनी रिकॉर्ड में इजाफा करता है।' 'यह अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का घोर उल्लंघन है।'
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सूडान में अप्रैल 2023 से जारी है संघर्ष
बता दें कि, सूडान में संघर्ष अप्रैल 2023 में शुरू हुआ जब सेना और आरएसएफ के नेताओं के बीच बढ़ते तनाव ने राजधानी खारतूम और विशाल पूर्वोत्तर अफ्रीकी देश के अन्य शहरों में खुली लड़ाई का रूप ले लिया। इस संघर्ष में 28  हजार से ज्यादा लोग मारे गए हैं और लाखों लोगों को अपने घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा है। वहीं इसकी वजह देश के कई हिस्सों में अकाल की वजह से कुछ परिवार जिंदा रहने के लिए घास खाने को मजबूर हैं।
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युद्ध अपराधों की जांच कर रहा है अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय
वहीं संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार समूहों के अनुसार, इस संघर्ष में जातीय रूप से प्रेरित हत्या और दुष्कर्म समेत कई गंभीर अत्याचार हुए हैं। अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय ने कहा कि वह कथित युद्ध अपराधों और मानवता के खिलाफ अपराधों की जांच कर रहा है।
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