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Pakistan Flood: पाकिस्तान का ना'पाक' चेहरा उजागर, बाढ़ग्रस्त पंजाब में सरकार की मदद कर रहा हाफिज सईद का संगठन

Thu, 04 Sep 2025 07:56 PM IST
पवन पांडेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लाहौर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लाहौर Published by: पवन पांडेय Updated Thu, 04 Sep 2025 07:56 PM IST
सार

पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार आतंकियों के साथ मिलकर बाढ़ प्रभावित इलाकों राहत सामग्री बांट रही है। बता दें कि 26/11 आतंकी हमले के साजिशकर्ता हाफिज सईद का संगठन पाकिस्तान में बाढ़ राहत में सक्रिय है, जानकारी के मुताबिक कई संगठन पंजाब प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। 

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26/11 mastermind Hafiz Saeed's outfit joins hands with Pak's Punjab administration in flood-relief
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI

विस्तार

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में आई विनाशकारी बाढ़ ने बीते दो हफ्तों में 37 लाख से ज्यादा लोगों को बेघर कर दिया है। ऐसे समय में 26/11 मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद का संगठन पाकिस्तान मार्कजी मुस्लिम लीग (पीएमएमएल) खुलकर राहत कार्यों में सक्रिय हो गया है और वह सीधे पंजाब प्रांतीय प्रशासन के साथ काम करता दिख रहा है। गुरुवार को पीएमएमएल की ओर से एक तस्वीर जारी की गई, जिसमें फैसलाबाद के डिप्टी कमिश्नर कैप्टन (रिटायर्ड) नदीम नासिर को बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करते हुए दिखाया गया। इस तस्वीर में नासिर, पीएमएमएल के कार्यकर्ताओं के साथ एक नाव पर सवार होकर बाढ़ग्रस्त गांवों का जायजा लेते नजर आ रहे हैं। हालांकि, पंजाब की सत्ताधारी पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) की सरकार की ओर से इस दौरे को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
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पीएमएमएल का आतंकी कनेक्शन
पीएमएमएल, दरअसल जमात-उद-दावा (जेयूडी) का राजनीतिक विंग है। जेयूडी ही कुख्यात आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) का मोर्चा है, जिसने 2008 के मुंबई हमले समेत भारत में कई आतंकी वारदातों को अंजाम दिया। 26/11 हमले में 166 लोगों की मौत हुई थी। हाफिज सईद, जो इस हमले का मास्टरमाइंड है, संयुक्त राष्ट्र द्वारा नामित वैश्विक आतंकवादी है। अमेरिका ने उस पर 10 मिलियन डॉलर (करीब 83 करोड़ रुपये) का इनाम रखा था। जुलाई 2019 में उसे आतंकी फंडिंग के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था और तब से वह लाहौर की कोट लखपत जेल में बंद है।
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ऑपरेशन सिंदूर के बाद बढ़ी सक्रियता
हाल ही में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत मुरीदके स्थित लश्कर-ए-तैयबा के बेस कैंप को निशाना बनाया था। यह हमला पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में किया गया था, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। इस ऑपरेशन में तीन जमात-उद-दावा के कार्यकर्ता मारे गए थे। उनके अंतिम संस्कार में पाकिस्तान सेना, पुलिस और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल हुए थे। सूत्रों के मुताबिक, इसी ऑपरेशन के बाद से पीएमएमएल और ज्यादा सक्रिय हो गया है और उसे पीएमएल-एन सरकार का संरक्षण प्राप्त है, चाहे वह केंद्र में हो या प्रांत में।


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पंजाब प्रांत में बाढ़ का कहर
पंजाब प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (पीडीएमए) के महानिदेशक इर्फान अली कथिया ने बताया कि इस बार की बाढ़ से 37 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। बीते दो हफ्तों में 3,900 से ज्यादा गांव पानी में डूब गए हैं। 23 अगस्त से शुरू हुए इस बाढ़ के दौर में 46 लोगों की मौत हो चुकी है। करीब 14 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इसके साथ ही 10 लाख मवेशियों को भी बाढ़ग्रस्त इलाकों से बाहर निकाला गया है।

सवालों के घेरे में सरकार की चुप्पी
हाफिज सईद के संगठन के प्रशासन के साथ खुलकर काम करने पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। पंजाब सरकार की तरफ से अभी तक यह नहीं बताया गया कि आखिर एक प्रतिबंधित आतंकी संगठन का राजनीतिक विंग सरकारी राहत कार्यों में किस तरह शामिल हो रहा है।
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