{"_id":"5d27512d8ebc3e6cfe43acf6","slug":"22-countries-appeals-china-to-end-detention-of-muslims","type":"story","status":"publish","title_hn":"22 देशों ने कहा, मुस्लिमों की नजरबंदी खत्म करे चीन","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
22 देशों ने कहा, मुस्लिमों की नजरबंदी खत्म करे चीन
Thu, 11 Jul 2019 08:39 PM IST
अमित मंडल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: अमित मंडल
Updated Thu, 11 Jul 2019 08:39 PM IST
विज्ञापन
uighur muslims (file photo )
- फोटो : social media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दुनिया पर दादागिरी दिखाने वाला चीन अपने ही देश में मुसलमानों पर लगाए जाने वाले प्रतिबंधों पर घिरता जा रहा है। उसके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने संयुक्त राष्ट्र समर्थित मानवाधिकार परिषद में आवाज उठाते हुए शिनझियांग प्रांत में उइगर और अन्य मुस्लिमों पर लगाए जाने वाले मनमाने प्रतिबंधों और अन्य उल्लंघनों को खत्म करने का आग्रह किया है।
मानवाधिकार निगरानी संस्था (ह्यूमन राइट्स वॉच) का कहना है कि 22 पश्चिमी देशों ने एक बयान जारी कर चीन से कहा है कि वह शिनझियांग प्रांत में चीनी नीतियों के प्रति चिंतित हैं और यह पत्र सिर्फ इस चिंता की अभिव्यक्ति की दिशा में एक प्रतीकात्मक कदम है। इन सभी देशों ने एक हस्ताक्षरयुक्त पत्र संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में दिया है।
मानवाधिकार समूहों और अमेरिका का अनुमान है कि शिनझियांग में करीब 10 लाख मुसलमानों को शायद मनमाने तरीके से नजरबंद किया गया है। हालांकि, चीन हिरासत केंद्रों में इस तरह के मानवाधिकार उल्लंघनों से इनकार करता रहा है। उसका तर्क है कि इन मुसलमानों को कट्टरपंथ से लड़ने और रोजगार के लिए कौशल सिखाने के मकसद से प्रशिक्षण स्कूलों में डाला गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मानवाधिकार निगरानी संस्था (ह्यूमन राइट्स वॉच) का कहना है कि 22 पश्चिमी देशों ने एक बयान जारी कर चीन से कहा है कि वह शिनझियांग प्रांत में चीनी नीतियों के प्रति चिंतित हैं और यह पत्र सिर्फ इस चिंता की अभिव्यक्ति की दिशा में एक प्रतीकात्मक कदम है। इन सभी देशों ने एक हस्ताक्षरयुक्त पत्र संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में दिया है।
विज्ञापन
मानवाधिकार समूहों और अमेरिका का अनुमान है कि शिनझियांग में करीब 10 लाख मुसलमानों को शायद मनमाने तरीके से नजरबंद किया गया है। हालांकि, चीन हिरासत केंद्रों में इस तरह के मानवाधिकार उल्लंघनों से इनकार करता रहा है। उसका तर्क है कि इन मुसलमानों को कट्टरपंथ से लड़ने और रोजगार के लिए कौशल सिखाने के मकसद से प्रशिक्षण स्कूलों में डाला गया है।
विज्ञापन