भारत और चीन को छोड़कर दुनियाभर में सरकार और मीडिया पर से भरोसा घटा : सर्वे
- एडलमैन ट्रस्ट बैरोमीटर के मुताबिक भारत में नौकरी की चिंताएं उच्च स्तर पर हैं
- सर्वेक्षण में भारत और चीन को विश्वसनीयता के सर्वोच्च स्तर पर स्थान मिला है
- एडलमैन के सीईओ रिचर्ड ने कहा कि हम एक भरोसे के विरोधाभास में जी रहे हैं
- 53 फीसदी लोगों ने कहा, मौजूदा पूंजीवाद अच्छे की जगह नुकसानदायक ज्यादा
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मंगलवार को जारी एक अहम सर्वेक्षण में कहा गया है कि सरकार और मीडिया दुनिया भर में लोगों के लिए सबसे कम भरोसेमंद संस्थान रह गए हैं। इसके भरोसे का स्तर बढ़ती असमानता के बीच लगातार गिरता जा रहा है, लेकिन भारत इससे अछूता है। सर्वेक्षण में भारत और चीन को विश्वसनीयता के सर्वोच्च स्तर पर रखा गया है।
दावोस में मंगलवार को जारी वार्षिक एडलमैन ट्रस्ट बैरोमीटर के अनुसार, भारत उन देशों में शामिल है जहां नौकरी के नुकसान के लिए चिंताएं उच्च स्तर पर हैं। बढ़ती आबादी के साथ जनता को सर्वाधिक सूचित होने के मामले में चीन को पहला और भारत को दूसरा स्थान मिला है। इस मामले में रूस का स्थान सबसे नीचे है।
सर्वे में यह भी सामने आया कि एक मजबूत वैश्विक अर्थव्यवस्था और पूर्ण रोजगार के बावजूद, विकसित बाजार में अधिकांश लोगों का मानना है कि वे आगामी पांच साल के समय में बेहतर नहीं होंगे। इस सर्वे में 56 प्रतिशत लोगों ने माना कि पूंजीवाद अपने मौजूदा स्वरूप में अब दुनिया में अच्छे के बजाय नुकसान ज्यादा कर रहा है। एडलमैन के सीईओ रिचर्ड एडलमैन ने कहा कि हम एक भरोसे के विरोधाभास में जी रहे हैं।
नौकरी छूटने और मंदी से चिंतित हैं विश्व के 83 फीसदी कर्मचारी
एडलमैन के सीईओ रिचर्ड एडलमैन ने कहा है कि जबसे हमने 20 साल पहले विश्वास को मापना शुरू किया, आर्थिक विकास ने भरोसे को बढ़ावा दिया। यह एशिया और मध्य पूर्व में जारी है, लेकिन विकसित देशों के बाजारों में नहीं। एडेलमैन ने कहा, चिंताएं व्यापक और गहरी हैं। विश्व में 83 फीसदी कर्मचारी ऑटोमेशन के चलते नौकरी छूटने, मंदी, प्रशिक्षण की कमी, सस्ती विदेशी प्रतिस्पर्धा व आप्रवासन से चिंतित हैं।
विश्व मीडिया व सरकारों को अक्षम मानते हैं 57 फीसदी लोग
लोग सरकार और मीडिया को अक्षम और अनैतिक मानते हैं। 57 फीसदी लोग मानते हैं कि मीडिया विचारों को सही तरह से पेश करने और फैक्ट पर आधारित समाचार पेश करने में अच्छा काम नहीं कर रही है। लेकिन भारत में मीडिया पर लोग भरोसा करते हैं। वे मीडिया में आई खबरों के आधार पर अपना दिमाग बनाते हैं। इसी तरह से भारत और चीन में सरकार पर भी लोगों का भरोसा है।