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यूके का टास्कफोर्स चिंतित : कोरोना वैक्सीन की पहली पीढ़ी सभी को नहीं पड़ेगी पूरी
Wed, 28 Oct 2020 08:53 AM IST
Tanuja Yadav
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
Published by: Tanuja Yadav
Updated Wed, 28 Oct 2020 08:53 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : social media
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यूनाइटेड किंगडम (यूके) के टास्कफोर्स की अध्यक्ष केट बिंघम ने कहा कि कोविड-19 वैक्सीन की पहली जनरेशन (पीढ़ी) पूरी पड़ जाए, इसकी संभावना थोड़ी कम है। बिंघम ने कहा कि वैक्सीन की पहली पीढ़ी सभी लोगों पर काम नहीं कर सकती है। विश्व के प्रतिष्ठित 'लैंसेट मेडिकल जर्नल' में छपे एक आलेख में बिंघम ने यह चिंता जताई है।
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बिंघम ने कहा कि हालांकि, हमें यह भी नहीं पता कि क्या हमें कभी भी वैक्सीन मिलेगी या नहीं? उन्होंने आगे कहा कि शालीनता और अति आशावाद के खिलाफ रक्षा करना अनिवार्य है। उन्होंने आगे कहा कि कोरोना वायरस टीके की पहली पीढ़ी शायद सभी को पूरी ना पड़े, हमें इसके लिए तैयार रहना चाहिए कि वैक्सीन शायद संक्रमण को फैलने से ना रोके लेकिन लक्षणों को कम कर सकती है।
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बिंघम ने लिखा कि वैक्सीन टास्कफोर्स का मानना है कि जितनी वैक्सीन दुनियाभर में विकसित की जा रही हैं, उनमें से सारी या ज्यादातर असफल हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि टीकों के लिए वैश्विक उत्पादन क्षमता अरबों खुराक तैयार करने के लिए काफी अपर्याप्त है।
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हाल ही में इंपीरियल कॉलेज ऑफ लंदन के वैज्ञानिकों की ओर से किए गए एक शोध के मुताबिक गर्मियों के दौरान ब्रिटिश लोगों में कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ने वाली एंटीबॉडी लगातार कम हो रही हैं। संक्रमण के बाद सुरक्षा का सुझाव लंबे समय तक नहीं चल सकता है और समुदाय में प्रतिरक्षा की क्षमता को कम करने की आशंका को बढ़ा सकता है।
मीडिया रिपोर्ट्स का कहना है कि ब्रिटिश सरकार इस अनुमान पर काम कर रही है कि कोरोना वायरस की दूसरी लहर, पहली लहर से ज्यादा खतरनाक हो सकती है।