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Hindi News ›   World ›   11.6 million Afghan women girls are no longer receiving vital aid US envoy

US Envoy: NGO में महिला कर्मचारियों पर रोक के तालिबानी फरमान के गंभीर परिणाम, करोड़ों अफगान महिलाएं प्रभावित

Sat, 31 Dec 2022 04:37 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क Published by: निर्मल कांत Updated Sat, 31 Dec 2022 04:37 PM IST
सार

तालिबान ने 24 अक्तूबर को गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) में महिलाओं के काम करने पर प्रतिबंध लगाने का फरमान जारी किया। इससे पहले वह लड़कियों की विश्वविद्यालयी और माध्यमिक शिक्षा पर तक रोक लगा चुका है।

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11.6 million Afghan women girls are no longer receiving vital aid US envoy
अफगानिस्तान में महिला - फोटो : pixabay

विस्तार

अफगानिस्तान में कम से कम 11.6 मिलियन (1 करोड़ 16 लाख)  महिलाओं और लड़कियों को जरूरी सहायता प्रदान नहीं की जा रही है। यह बात संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत लिंडा थॉमस ग्रीनफील्ड ने शनिवार को कही। 

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अमेरिकी राजदूत  ग्रीनफील्ड ने एक ट्वीट कहा, महिलाओं की दी जाने वाली मानवीय सहायता प्रयासों पर प्रतिबंध लगाने के तालिबान के फैसले से पहले ही भयानक परिणाम आ रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार अफगानिस्तान में 1 करोड़ 16 लाक महिलाओं और लड़कियों को अब जरूरी सहायता नहीं मिल रही है। इस खतरनाक और दमनकारी प्रतिबंध को उलट दिया जाना चाहिए। 
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तालिबान ने 24 अक्तूबर को गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) में महिलाओं के काम करने पर प्रतिबंध लगाने का फरमान जारी किया। इससे पहले वह लड़कियों के लिए विश्वविद्यालय और माध्यमिक शिक्षा पर तक तक के लिए रोक लगा चुका है, जब तक आगे की सूचना नहीं दी जाती। 
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शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र के उपायुक्त फिलिपो ग्रैंडी ने गुरुवार को अन्य मानवीय समूहों के प्रमुखों के साथ मुलाकात करके तालिबान के उस आदेश को उलटने के लिए कहा है, जो महिलाओं को एनजीओ के साथ काम करने से रोकता है। 

यूएनएचसीआर के एक बयान में ग्रैंडी ने कहा, महिलाओं को मानवीय कार्यों से रोकना मानवता के खिलाफ है। इसके कारण अफगानिस्तान में खास तौर महिलाओं और बच्चों पर असर पड़ेगा। इस प्रतिबंध को हटाया जाना चाहिए। 

संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी ने कहा, अफगानिस्तान में यूएनएचसीआर के 19 एनजीओ पार्टनर्स के साथ पांच सौ से ज्यादा महिला कर्मचारी काम करती हैं। ये महिलाएं करीब दस लाख महिलाओं और लड़कियों की सेवा करती हैं। हालिया प्रतिबंध संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी को अफगान लोगों, खासतौर पर महिलाओं और बच्चों के समर्थन में महत्वपूर्ण गतिविधियों पर अस्थायी रूप से रोक लगाने के लिए मजबूर करेंगे। 


एजेंसी ने कहा, चार दशकों के संघर्ष और उत्पीड़न से प्रभावित अफगानों के लिए समाधान खोजने के प्रयासों में महिला कर्मचारी सबसे आगे हैं, जिनमें लाखों शरणार्थी और आंतरिक रूप से विस्थापित लोग शामिल हैं। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, इस समय 3.4 मिलियन (3 लाख 40 हजार) लोग अफगानिस्तान के अंदर विस्थापित हैं और 2.9 मिलियन (2 लाख 90 हजार) शरणार्थी देश से बाहर विस्थापित हैं। 

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