फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   West Bengal ›   West Bengal recruitment scam: 1911 employees sacked on calcutta High Court order

West Bengal recruitment scam: शिक्षक भर्ती घोटाले में हाई कोर्ट के आदेश पर 1911 कर्मचारियों की छिनी नौकरी

Fri, 10 Feb 2023 06:36 PM IST
Harendra Chaudhary अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता
अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता Published by: Harendra Chaudhary Updated Fri, 10 Feb 2023 06:36 PM IST
सार

West Bengal recruitment scam: सुनवाई के दौरान शुक्रवार को एसएससी के पूर्व अध्यक्ष सुबीरेश भट्टाचार्य पर न्यायाधीश अभिजीत गंगोपाध्याय ने कड़ा रुख अपनाया। सुबीरेश इसी मामले में इस समय जेल में बंद हैं। कोर्ट ने कहा सुबीरेश भट्टाचार्य, अपने नाम के आगे ‘डॉक्टरेट’ की डिग्री नहीं लगा सकेंगे...

विज्ञापन
West Bengal recruitment scam: 1911 employees sacked on calcutta High Court order
Calcutta high court - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

पश्चिम बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट से शुक्रवार को बड़ा फैसला आया। हाई कोर्ट के न्यायाधीश अभिजीत गंगोपाध्याय ने स्कूल स्कूल सर्विस कमीशन (एसएससी) को ग्रुप 'डी' के 1,191 अनुशंसा पत्रों को तुरंत वापस लेने का निर्देश दिया। न्यायाधीश ने कहा, मेरा मानना है कि इन सभी उम्मीदवारों की अवैध भ्रष्टाचार द्वारा सिफारिश की गई थी। एसएससी के वकील ने शुक्रवार को कोर्ट में माना कि ग्रुप-डी के 1,911 उम्मीदवारों की भर्ती गलत तरीके से की गई थी।

विज्ञापन

जांच के बाद आयोग ने कोर्ट के हलफनामे में माना कि उन अभ्यर्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं (ओएमआर शीट्स) में छेड़छाड़ कर नौकरी के अनुशंसा पत्र दिए गए थे। कोर्ट के आदेश के बाद एसएससी की ओर से अधिसूचना जारी कर इन आरोपियों की नौकरी रद्द करने का आदेश दिया गया। सुनवाई के दौरान ही कोर्ट ने जानना चाहा कि उस समय एसएससी का अध्यक्ष कौन था। इस पर वकील ने कोर्ट ने बताया कि सुबीरेश भट्टाचार्य।

विज्ञापन

कोर्ट का निर्देश मिलते ही वेबसाइट पर नोटिस देकर उन अभ्यर्थियों की अनुशंसा वापस ले ली गई। सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने कहा, मैं सुबिरेश भट्टाचार्य को निर्देश देता हूं, जिनके कहने पर इतनी अवैध नियुक्तियां की गई हैं, उनके नाम तुरंत दें। उनके नाम सामने आने चाहिए, जो इस भ्रष्टाचार में शामिल हैं। जरूरत पड़ने पर सीबीआई अवैध रूप से भर्ती किए गए लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

सुबीरेश को नाम के आगे डॉक्टरेट लगाने पर रोक

सुनवाई के दौरान शुक्रवार को एसएससी के पूर्व अध्यक्ष सुबीरेश भट्टाचार्य पर न्यायाधीश अभिजीत गंगोपाध्याय ने कड़ा रुख अपनाया। सुबीरेश इसी मामले में इस समय जेल में बंद हैं। कोर्ट ने कहा सुबीरेश भट्टाचार्य, अपने नाम के आगे ‘डॉक्टरेट’ की डिग्री नहीं लगा सकेंगे। न्यायाधीश अभिजीत गंगोपाध्याय ने ग्रुप ‘डी’ के 1911 कर्मचारियों के अनुशंसा पत्र को वापस लेने का आदेश देने के साथ ही साफ कर दिया कि जब-तक मामले का निपटारा नहीं हो जाता तब-तक सुबीरेश अपनी ‘डॉक्टरेट’ डिग्री का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। न्यायाधीश ने निर्देश दिया कि केंद्रीय बल उनके परिवार की निगरानी करेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed