West Bengal: बंगाल पंचायत हिंसा पर हाई कोर्ट सख्त, तलब की रिपोर्ट
पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव के नामांकन के दौरान पूरे प्रदेश में जमकर हिंसा हुई। करीब 30 से अधिक अलग-अलग जगह झड़पें हुईं। इनमें पांच लोगों की मौत हो गई जबकि 90 से अधिक लोग घायल हो गाए हैं। हालांकि अभी आधिकारिक रूप से आंकड़ों पर कुछ कहा नहीं है...
विस्तार
पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव के नामांकन के दौरान उम्मीदवारों की सुरक्षा करने में हुई चूक पर कलकत्ता हाई कोर्ट ने सख्त रवैया अपनाया है। कोर्ट ने इस पर राज्य सरकार से पूरी रिपोर्ट तलब की है। जबकि पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा मामले पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सीपीएम और भाजपा को कटघरे में खड़ा किया है। बनर्जी ने कहा कि पंचायत चुनाव से पहले यह हिंसा जानबूझकर करवाई गई है।
इस संबंध में वरिष्ठ अधिवक्ता विकास रंजन भट्टाचार्य ने न्यायाधीश राजशेखर मंथा की एकल पीठ को सूचित किया कि पुलिस सुरक्षा में नामांकन भरने वाला एक समूह जब जा रहा था, तब एक प्रत्याशी की पुलिस के सामने ही गोली मार कर हत्या कर दी गई। कोर्ट ने कहा कि अदालत के आदेश के बावजूद पुलिस प्रत्याशियों को सुरक्षा देने में नाकाम रही। इसके बाद उन्होंने राज्य सरकार को आदेश दिया कि वह न्यायालय के समक्ष एक रिपोर्ट प्रस्तुत करे। वह इसमें बताए कि कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद उम्मीदवार नामांकन करने में असमर्थ क्यों हुए।
पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव के नामांकन के दौरान पूरे प्रदेश में जमकर हिंसा हुई। करीब 30 से अधिक अलग-अलग जगह झड़पें हुईं। इनमें पांच लोगों की मौत हो गई जबकि 90 से अधिक लोग घायल हो गाए हैं। हालांकि अभी आधिकारिक रूप से आंकड़ों पर कुछ कहा नहीं है। जबकि अभी मतदान होना बाकी है। इस बीच, राज्यपाल ने शुक्रवार को कुछ हिंसाग्रस्त क्षेत्रों का दौरान किया। दूसरी ओर, पंचायत चुनाव के दौरान केंद्रीय बलों की तैनाती को लेकर प्रदेश की सत्तारूढ़ सरकार हाई कोर्ट पहुंच गई है। बताया जा रहा है कि गुरुवार रात तक दो लाख से अधिक नामांकन भरे गए, जिसमें तृणमूल कांग्रेस सबसे आगे है।
नामांकन जमा करने की छह दिन की अवधि पूरी होने पर राज्य निर्वाचन आयोग ने बताया कि गुरुवार की रात साढ़े नौ बजे तक 3 लाख 31 हजार नामांकन जमा किए जा चुके हैं। इनमें 82,000 तृणमूल और अन्य बाकी दलों के प्रत्याशी हैं। यह नामांकन ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद सीटों के लिए है। नामांकन दाखिल करने के आखिरी दिन गुरुवार को, हालांकि राज्य सरकार के सूत्रों ने दक्षिण 24 परगना में तीन लोगों की मौत की बात स्वीकार की, जबकि मुर्शिदाबाद के नवग्राम और खरग्राम में दो लोगों की मौत हुई है। आयोग सूत्रों के मुताबिक, नामांकन के इन कुछ दिनों के दौरान हुई झड़पों में 90 लोग घायल हुए थे।
राज्य चुनाव आयोग के अनुसार 30 आग्नेयास्त्र और 56 बम बरामद किए गए। 4787 लाइसेंसी राइफल को बरामद किये गये हैं। आयोग के मुताबिक गैर जमानती धारा के तहत 1800 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उल्लखनीय है कि राज्य में त्रिस्तरीय पंचायत की कुल सीटों की संख्या 73,887 है. मतदाताओं की संख्या 5 करोड़ 67 लाख 21 हजार 234 है। जानकारी के मुताबिक नामांकन भरने में तृणमूल ने लगभग को पीछे छोड़ दिया है। इसमें भाजपा दूसरे और लेफ्ट तीसरे नंबर पर है।
शैतान का खेल खत्म होना चाहिए: राज्यपाल
पंचायत चुनाव के मद्देनजर राज्य के कई हिस्सों में जबरदस्त हिंसा हुई। राज्यपाल सीबी आनंद बोस ने शुक्रवार को हिंसाग्रस्त भांगड़ का दौरा किया। यहां पर उन्होंने कहा, लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं है। यह शैतान का खेल खत्म होना चाहिए। राज्य में हिंसा से राज्यपाल इतने ‘हैरान’ हैं कि वह शुक्रवार को सभी कार्यक्रम रद्द कर भांगड़ के हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा किया।