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कोलकाता में जमकर हुई बारिश, अगले दो दिनों के लिए IMD ने जारी किया अलर्ट
कोलकाता की सड़कों पर रात भर पानी की लहरें उठती रहीं, मेट्रो स्टेशनों में पानी घुस गया और रेलवे यार्ड तालाब में बदल गए। मंगलवार की सुबह शहर ने जब आंखें खोलीं तो हर ओर बस पानी ही पानी था।
पिछले छह घंटों में 250 मिमी से ज्यादा बारिश ने महानगर को थाम दिया। मेट्रो, रेल और सड़क यातायात पर इसका गहरा असर पड़ा। कई जगहों पर गाड़ियां घंटों जाम में फंसी रहीं तो कई इलाकों में घरों के भीतर तक पानी घुस गया।
कहां कितनी बारिश हुई?
कोलकाता नगर निगम (KMC) के आंकड़े बताते हैं कि कामदहारी में 332 मिमी, जोधपुर पार्क में 285 मिमी, कालीघाट में 280 मिमी, टॉप्सिया में 275 मिमी, और बालीगंज में 264 मिमी बारिश दर्ज की गई। चेतला (262 मिमी), मोमिनपुर (234 मिमी), चिंगरीहाटा (237 मिमी) और पामर बाजार (217 मिमी) जैसे इलाके भी बुरी तरह प्रभावित रहे।
इतना ही नहीं, धापा में 212 मिमी, सीपीटी नहर में 209 मिमी और उल्टाडांगा में 207 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इन इलाकों की गलियां, बाजार और कॉलोनियां झील में तब्दील हो गईं।
रात में हुई मूसलाधार बारिश के बाद हावड़ा स्टेशन यार्ड, सियालदह दक्षिण स्टेशन यार्ड और चितपुर उत्तर केबिन जलमग्न हो गए। ट्रैक पर पानी जमा हो जाने से कई उपनगरीय ट्रेनों को बीच में रोकना पड़ा और कुछ सेवाएं पूरी तरह रद्द कर दी गईं।
हावड़ा और सियालदह मंडलों की रेलवे लाइनों से पानी निकालने के लिए पंप लगाए गए, लेकिन आसपास के सिविल इलाकों से पानी वापस यार्ड में भरता रहा। यात्रियों को सुबह दफ्तर जाने के समय भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
मेट्रो सेवाएं भी प्रभावित हुईं। कुछ जगहों पर स्टेशन परिसर में पानी घुसने की वजह से यात्रियों को गेट के बाहर ही रोकना पड़ा।
बारिश ने ट्रैफिक व्यवस्था को भी अस्त-व्यस्त कर दिया। एस्प्लेनेड, पार्क स्ट्रीट, कस्बा, भवानीपुर और टंगरा जैसे इलाकों में घंटों जाम लगा रहा। लोग पैदल ही घुटनों तक पानी में रास्ता तय करने को मजबूर हुए।
नगर निगम का कहना है कि पंपिंग स्टेशन लगातार काम कर रहे हैं, लेकिन पानी की मात्रा इतनी ज्यादा है कि इसे निकालने में वक्त लगेगा।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, यह बारिश उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र की वजह से हुई है। यह सिस्टम उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा है और बुधवार तक दक्षिण बंगाल के कई जिलों—पूर्ब मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर, दक्षिण 24 परगना, झाड़ग्राम और बांकुरा—में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है।
आईएमडी ने यह भी कहा कि 25 सितंबर के आसपास पूर्व-मध्य और उत्तर बंगाल की खाड़ी के पास एक और नया कम दबाव बनने की संभावना है। ऐसे में आने वाले दिनों में कोलकाता समेत पूरे दक्षिण बंगाल में लगातार बारिश हो सकती है।
जलभराव से सबसे ज्यादा मुश्किलें आम लोगों को हो रही हैं। कई कॉलोनियों में घरों के भीतर पानी घुस गया है। पावर सप्लाई प्रभावित होने से कई इलाकों में बिजली भी गुल हो गई।
कार्यालय जाने वाले लोग सुबह घंटों सड़क पर जाम में फंसे रहे। स्कूल जाने वाले बच्चों को वापस लौटना पड़ा।
कोलकाता नगर निगम (KMC) और राज्य सरकार ने जलभराव वाले इलाकों में राहत कार्य शुरू किया है। पंपिंग स्टेशन 24 घंटे चलाए जा रहे हैं और आपदा प्रबंधन टीम को स्टैंडबाय पर रखा गया है।
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