भरी गर्मी में लोग अपने ही घर में चोरी करने को मजबूर
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पानी की चोरी तो सुनी होगी पर कभी ये सुना है कि लोग चोरों की तरह दबे पांव अपने ही घरों में पानी भरने को मजबूर हैं। स्थिति यह है कि कई बार पानी भरने को लेकर लोगों का अपने ही मोहल्ले वालों से झगड़ा तक हो जाता है। वहीं कई मोहल्लों में पानी की टाइमिंग बदलने से भी परेशानी बढ़ गई है।
देहरादून के कई क्षेत्रों में कभी दो तो कभी रात के तीन बजे पानी आता है। इस दौरान अगर कुछ लोगों ने मोटर लगा ली तो किसी के घर पानी पहुंचता है और किसी के घर नहीं। ऐसे में लोग रात में ही चुपचाप टॉर्च लेकर पानी भरने लगते हैं, इस डर से कहीं पड़ोसी जाग गया और उसने मोटर चला दी तो पानी उनके यहां नहीं आएगा।
इसी दौरान लोग भूलकर भी लाइट नहीं चलाते हैं। कई बार पानी को लेकर पड़ोसियों में बहस तक हो जाती है। इधर देर रात पानी भरने के चलते लोगों की पूरी दिनचर्या ही बदल गई है।
बदली टाइमिंग ने बनाया चिड़चिड़ा
पानी के लिए रात को तीन बजे जागना पड़ता है। पानी भरते-भरते बच्चे के स्कूल का समय हो जाता है। उसके लिए नाश्ता तैयार करना, फिर उसको उठाकर तैयार करना और फिर खुद तैयार होकर ऑफिस के लिए निकलना वाकई बहुत पीड़ा दायक हो गया है। अब बात-बात पर मैं चिल्ला उठती हूं। पानी की इस बदली टाइमिंग ने मुझे बेहद चिड़चिड़ा बना दिया है।
- माधुरी डंडरियाल, क्षेत्रवासी शमशेर गढ़
पानी की वजह से मोहल्ले में मन-मुटाव रहने लगा है। दिन में तो पानी आता नहीं। यदि रात में भी पड़ोसी की मोटर देर तक चल जाती है तो उसे बंद करने को कहते हैं, ताकि बाकि लोगों को भी पानी मिल सके। बदले में पड़ोसियों के मुंह फूल जाते हैं। इस पानी ने तो मोहल्ले में झगड़े ही करा दिए हैं।
- लक्ष्मी खंकरियाल, नथुआवाला
पानी का तो कोई समय ही नहीं है। आधी रात को कभी भी आ जाता है, तो कभी आता ही नहीं है। ऐसे में हम भी पूरे मुस्तैद रहते हैं, नल खुले छोड़ देते हैं। जैसे ही रात को नल से पानी टपकने की आवाज आती है। तुरंत उठकर पानी भरते हैं। पानी के इंतजार में रात को सो भी नहीं पा रहे हैं।
- मंजू गुसाईं, माजरी माफी
हर तरफ पानी के लिए हाय-हाय
यहां रात दो से तीन बजे के बीच आता है पानी
शमशेर गढ़, नथुआवाला, मोहकमपुर, माजरीमाफी आदि
यहां शाम सात से आठ बजे के बीच आता है पानी
राघव विहार, कृष्णा विहार, सेवली, मोहनपुर आदि
ताकि सबको मिले पानी
गर्मियों में पानी की किल्लत से निपटने के लिए विभाग की ओर से प्लान बनाया जाता है कि कहीं दिन में तो कहीं शाम को और कहीं रात को पानी दिया जाए। ऐसे में सभी उपभोक्ताओं तक पानी पहुंच जाता है। एक ही जगह लगातार रात में पानी नहीं दिया जाएगा, बल्कि यह रोटेशन में चलेगा।
- एसके गुप्ता, मुख्य महाप्रबंधक जल संस्थान