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उत्तराखंड के 76 हजार से अधिक काश्तकारों पर सूखे की मार

Fri, 08 Apr 2016 01:45 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, अल्मोड़ा
ब्यूरो / अमर उजाला, अल्मोड़ा Updated Fri, 08 Apr 2016 01:45 PM IST
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water shortage in Almora
क‌िसान - फोटो : अमर उजाला

सूखे के कारण अल्मोड़ा जिले में करीब 50 प्रतिशत से अधिक फसलें प्रभावित हुई हैं। जिले के 76 हजार से अधिक काश्तकारों पर सूखे की मार पड़ी है।

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सूखे को लेकर जिले से रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। सरकार ने फिलहाल सूखा घोषित नहीं किया है और काश्तकारों को मुआवजे का इंतजार है लेकिन मुआवजे के जो मानक निर्धारित हैं उससे काश्तकारों को हजार-दो हजार रुपये से अधिक की सहायता मिलने की उम्मीद नहीं है।
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इस बार जाड़े के मौसम में नाममात्र बारिश हुई जिससे रबी सीजन की गेहूं, जौ आदि फसलें बुरी तरह बरबाद हो चुकी हैं। इधर कृषि विभाग ने बीते दिनों सूखे से फसलें खराब होने के संबंध में सर्वेक्षण करवाया। इसकी रिपोर्ट भी शासन को भेज दी गई है। जानकारी के मुताबिक सूखे के कारण जिले में कुल 25334.13 हेक्टेयर क्षेत्र में खेती प्रभावित हुई है। इसमें से 1343.087 हेक्टेयर क्षेत्र सिंचित और 23994.498 हेक्टेयर क्षेत्र असिंचित है। जिले में कुल 76,340 काश्तकारों पर सूखे की मार पड़ी है। इसमें 74775 काश्तकार असिंचित क्षेत्र के और 1565 काश्तकार सिंचित क्षेत्र के हैं।
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अभी सरकार ने सूखा घोषित नहीं किया है इसलिए फिलहाल मुआवजे के बारे में शासन से कोई सूचना नहीं मिली है। उल्लेखनीय है कि मुआवजे के लिए जो मानक तय हैं उससे सूखे से फसलें बरबाद होने के बदले शासन से नाम मात्र का ही मुआवजा मिलने की उम्मीद है। जानकारी के मुताबिक सिंचित क्षेत्र के लिए 13500 रुपये प्रति हेक्टेयर और असिंचित क्षेत्र में 6800 रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजा दिया जाता है।

पहाड़ में काश्तकारों के पास काफ कम जमीन है। यहां अधिकांश काश्तकारों के पास मुश्किल से 10 से 20 नाली क्षेत्र में खेती है। इस हिसाब से असिंचित क्षेत्र में 10 नाली जमीन में सिर्फ 650 रुपये और सिंचित क्षेत्र में 1350 रुपये मुआवजा मिलेगा। ऐसी स्थिति में काश्तकारों के लिए इतनी नाममात्र की सहायता से कोई राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। इधर एडीएम इला गिरि ने बताया कि सूखे को लेकर कृषि विभाग द्वारा कराए गए सर्वेक्षण की रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।

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