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यमुनोत्री-गंगोत्री कपाट बंद होने की तैयारी शुरू
अमर उजाला ब्यूरो/ उत्तरकाशी।
Updated Fri, 28 Oct 2016 09:43 PM IST
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गंगोत्री धाम
- फोटो : file photo
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चारधाम यात्रा के प्रथम दो तीर्थ यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम में कपाट बंद की तैयारियां शुरू हो गई हैं। आगामी 31 अक्तूबर को गंगोत्री और एक नवंबर को यमुनोत्री धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे।
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कपाट बंद होने का समय तय होने पर तीर्थ पुरोहितों एवं यात्रा कारोबारियों ने धामों से सामान समेटना शुरू कर दिया है। इस बार बीते सालों की आपदा से उबरने के बाद यात्रा उम्मीदों के अनुरूप चली। शीतकाल में भी यात्रा ठीक चले अब इस पर कारोबारियों की उम्मीद आ टिकी है। हालांकि अभी तक इस दिशा में धरातल पर कोई तैयारी नजर नहीं आ रही है। यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम के कपाट बंद होने के साथ ही जिले में तीर्थाटन एवं पर्यटन पूरी तरह ठप हो जाता है।
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वर्षों से मांग की जा रही है कि सर्दियों में भी यमुना एवं गंगा के शीतकालीन पड़ाव वाले खरसाली एवं मुखबा गांव तक यात्रा चालू रखकर देश-विदेश के तीर्थयात्रियों को यहां आकर्षित किया जा सकता है। उस दौरान तीर्थयात्री एवं पर्यटक यमुना एवं गंगा की पूजा-अर्चना करने के साथ ही बर्फबारी का नजारा भी देख सकेंगे।
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तीर्थ पुरोहित सरकार के इस प्रयास में पूरा सहयोग करने को तैयार है। अब जबकि दोनों धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद होने वाले हैं, तो सर्दियों में भी देश विदेश के तीर्थयात्रियों को आकर्षित करने के लिए सरकार शीतकालीन यात्रा पर कितना जोर देती है इस पर सबकी निगाहें टिकी है। इधर, डीएम दीपेंद्र कुमार चौधरी ने कहा कि शीतकाल यात्रा को लेकर प्रशासन तैयार है।
कपाट बंद होने के बाद गंगा व यमुना अपने शीतकालीन पड़ाव पर मुखबा व खरसाली आ जाती हैं। शीतकालीन यात्रा के दौरान बर्फबारी होने पर मार्ग खोलने के लिए डोजर की व्यवस्था की जाती है। साथ ही दो महीने का अतिरिक्त राशन उपलब्ध करा दिया जाता है।