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यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम बर्फ से हुए लकदक
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जिले की निचली घाटियों में रुक-रुक कर बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का सिलसिला जारी है। यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम के साथ ही ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है। तापमान में गिरावट आने से जिले में कड़ाके की ठंड पड़ रही है।
शुक्रवार को भी जिला मुख्यालय समेत निचली घाटियों में झमाझम बारिश हुई, जबकि यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम समेत उपला टकनौर के हर्षिल, धराली, मुखबा, सुक्की, झाला, गीठ पट्टी के खरसाली, नारायणपुरी, जानकीचट्टी, हरकीदून घाटी के ओसला, गंगाड़, ढाटमीर, सौड़, सांकरी आदि गांवों में जमकर बर्फबारी हुई। धामों में बर्फ की करीब एक फीट मोटी चादर बिछ गई है। हालांकि यमुनोत्री एवं गंगोत्री हाईवे समेत सभी सड़कों पर यातायात सुचारु है। अप्रैल माह में भारी बर्फबारी से लोग हैरान हैं। सुक्की निवासी मोहन सिंह राणा, हर्षिल के माधवेंद्र रावत, गंगोत्री निवासी सतेंद्र सेमवाल आदि ने बताया कि अप्रैल माह में मौसम का यह रुख पहली बार देखा है। बारिश व बर्फबारी से जिले में तापमान में भारी गिरावट आ गई है। अप्रैल प्रथम सप्ताह में जहां जिले में पारा 25 डिग्री सेल्सियस पार करने लगा था, वहीं शुक्रवार को जिला मुख्यालय समेत निचली घाटियों में अधिकतम तापमान 12 डिग्री और न्यूनतम 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्य चार दिन से ठप
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ, मद्महेश्वर, तुंगनाथ, चंद्रशिला समेत ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जमकर बर्फबारी हुई है। केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्य भी चार दिन से ठप पड़े हैं। साथ ही तापमान गिरने से केदारपुरी में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। वहीं, निचले इलाकों में दिनभर रूक-रूककर तेज बारिश होती रही, जिससे जनजवीन प्रभावित रहा।
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केदारनाथ में लगभग एक फीट बर्फ जम गई है जबकि इससे पहले तीन दिनों में हुई बर्फबारी से धाम में डेढ़ फीट तक बर्फ जमा हो रखी है। खराब मौसम के कारण केदारनाथ में सभी पुनर्निर्माण कार्य ठप हो गए हैं। वहीं, द्वितीय केदार मद्महेश्वर, तृतीय केदार तुंगनाथ, चंद्रशिला व हरियाली डांडा में भी बर्फबारी हुई। दूसरी तरफ जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग, तिलवाड़ा, गुप्तकाशी, अगस्त्यमुनि, जखोली में तेज बारिश हुई।
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शुक्रवार को भी जिला मुख्यालय समेत निचली घाटियों में झमाझम बारिश हुई, जबकि यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम समेत उपला टकनौर के हर्षिल, धराली, मुखबा, सुक्की, झाला, गीठ पट्टी के खरसाली, नारायणपुरी, जानकीचट्टी, हरकीदून घाटी के ओसला, गंगाड़, ढाटमीर, सौड़, सांकरी आदि गांवों में जमकर बर्फबारी हुई। धामों में बर्फ की करीब एक फीट मोटी चादर बिछ गई है। हालांकि यमुनोत्री एवं गंगोत्री हाईवे समेत सभी सड़कों पर यातायात सुचारु है। अप्रैल माह में भारी बर्फबारी से लोग हैरान हैं। सुक्की निवासी मोहन सिंह राणा, हर्षिल के माधवेंद्र रावत, गंगोत्री निवासी सतेंद्र सेमवाल आदि ने बताया कि अप्रैल माह में मौसम का यह रुख पहली बार देखा है। बारिश व बर्फबारी से जिले में तापमान में भारी गिरावट आ गई है। अप्रैल प्रथम सप्ताह में जहां जिले में पारा 25 डिग्री सेल्सियस पार करने लगा था, वहीं शुक्रवार को जिला मुख्यालय समेत निचली घाटियों में अधिकतम तापमान 12 डिग्री और न्यूनतम 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्य चार दिन से ठप
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ, मद्महेश्वर, तुंगनाथ, चंद्रशिला समेत ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जमकर बर्फबारी हुई है। केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्य भी चार दिन से ठप पड़े हैं। साथ ही तापमान गिरने से केदारपुरी में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। वहीं, निचले इलाकों में दिनभर रूक-रूककर तेज बारिश होती रही, जिससे जनजवीन प्रभावित रहा।
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केदारनाथ में लगभग एक फीट बर्फ जम गई है जबकि इससे पहले तीन दिनों में हुई बर्फबारी से धाम में डेढ़ फीट तक बर्फ जमा हो रखी है। खराब मौसम के कारण केदारनाथ में सभी पुनर्निर्माण कार्य ठप हो गए हैं। वहीं, द्वितीय केदार मद्महेश्वर, तृतीय केदार तुंगनाथ, चंद्रशिला व हरियाली डांडा में भी बर्फबारी हुई। दूसरी तरफ जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग, तिलवाड़ा, गुप्तकाशी, अगस्त्यमुनि, जखोली में तेज बारिश हुई।