मां यमुना के भाई सोमेश्वर देवता (शनिदेव) मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं। सोमेश्वर देवता का मंदिर यमुना के मायके खरसाली में स्थित है। चार माह बाद बैसाखी पर्व पर मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे।
शुक्रवार को मां यमुना के शीतकालीन पड़ाव खरशाली गांव में स्थित बारह गांव गीठ पट्टी के आराध्यदेव सोमेश्वर देवता मंदिर के कपाट विधि विधान के साथ दोपहर बाद ढाई बजे शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं। कपाट बंद होने से पूर्व सोमेश्वर देवता की पालकी ने श्रद्घालुओं को सुख समृद्घि और खुशहाली का आशीर्वाद दिया। शीतकाल के दौरान सोमेश्वर देवता की पूजा-अर्चना मंदिर के बाहर से ही होगी। इस दौरान देवता के दर्शन नहीं होंगे। चार माह बाद 14 अप्रैल को बैसाखी पर्व पर मंदिर के कपाट फिर श्रद्घालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। कपाट बंदी के अवसर पर मंदिर के पुजारी पंकज उनियाल, पुरोहित समाज के अध्यक्ष पुरुषोत्तम उनियाल, मंदिर समिति के विजय पंवार, प्रदीप रावत, सूरज तोमर, आशुतोष उनियाल, कुलदीप उनियाल, आकाश उनियाल, दुर्गेश उनियाल आदि मौजूद थे।