{"_id":"5eb177be8ebc3e90a359bae5","slug":"women-came-out-on-the-street-to-protest-against-the-opening-of-a-liquor-store-utter-kashi-news-drn3434572175","type":"story","status":"publish","title_hn":"शराब की दुकान खोलने के विरोध में सड़क पर उतरी महिलाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शराब की दुकान खोलने के विरोध में सड़क पर उतरी महिलाएं
विज्ञापन
डुंडा उत्तरकाशी में अंग्रेजी शराब की दुकान खोलने के विरोध में प्रदर्शन करती महिलाएं।
- फोटो : UTTER KASHI
डुंडा एवं बीरपुर गांव की महिलाओं ने डुंडा में शराब की दुकान खोलने का विरोध किया है। महिलाओं ने शराब की दुकानें खुलने से गरीब परिवारों की आर्थिक स्थिति खराब होने और क्षेत्र में माहौल बिगड़ने की आशंका जताते हुए हालात सामान्य होने पर ही शराब की दुकानें खोलने की मांग की।
लॉकडाउन में छूट मिलने पर डुंडा में अंग्रेजी शराब की दुकान खुलने की तैयारियां के बीच क्षेत्र की महिलाएं विरोध में उतर आई हैं। मंगलवार को बीरपुर गांव की प्रधान सुनीता नेगी और डुंडा की प्रधान पुष्पा भट्ट के नेतृत्व में महिलाओं ने शराब की दुकान के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन में काम कारोबार ठप होने से पहले ही लोगों की आजीविका चौपट हो गई है और अब शराब की दुकान खुलने से रही सही कसर भी पूरी हो जाएगी। उन्होंने शराब की दुकान खुलने से क्षेत्र में माहौल खराब होने की आशंका भी जताई। उन्होंने कहा कि यदि सरकार को राजस्व की इतनी ही फिक्र है, तो लॉकडाउन के बाद हालात सामान्य होने पर ही शराब की दुकानें खोलने पर विचार करना चाहिए। डुंडा की प्रधान पुष्पा भट्ट ने कचड़ू देवता मंदिर से लेकर रेणुका देवी मंदिर बीच डुंडा क्षेत्र में शराब की दुकान खोलने का विरोध किया है।
शराब की दुकानें खुलने में आ रही है अड़चन
उत्तरकाशी। जिले की 17 शराब की दुकानों में से सिर्फ भटवाड़ी, ब्रह्मखाल और नौगांव की तीन दुकानें ही खुल पाई। शराब कारोबारी जहां लॉकडाउन अवधि का टैक्स माफ करने की मांग कर रहे हैं, वहीं आबकारी विभाग को राजस्व की चिंता सता रही है।
विज्ञापन
जिला आबकारी अधिकारी हरीशचंद्र सिंह ने बताया कि जिले अंग्रेजी शराब की कुल 17 दुकानें हैं, जिनसे प्रतिमाह करीब तीन करोड़ राजस्व प्राप्त होता है। विभाग ने वित्तीय वर्ष समाप्त होने पर इन दुकानों में बची करीब डेढ़ करोड़ की शराब ले ली है, जबकि इन दुकानों में 1.03 करोड़ टैक्स की शराब का उठान अवशेष था। इसकी रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेज दी गई है। शराब कारोबारी देवेंद्र बिष्ट ने बताया कि बीते वित्तीय वर्ष में लॉकडाउन के चलते दस दिनों तक दुकानें बंद रहने के कारण काफी नुकसान उठाना पड़ा। सरकार को लॉकडाउन अवधि का टैक्स लौटाना चाहिए।
फोटो
शराब की दुकानें रात तक खोलने का आरोप
देवाल। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने अंग्रेजी शराब की दुकान के विक्रेताओं पर देर रात तक शराब की बिक्री करने का आरोप लगाया। एसडीएम को मिले प्रतिनिधिमंडल ने शराब विक्रेताओं पर लॉकडाउन के नियमों का पालन न करने का आरोप लगाया।
मंगलवार को ब्लॉक प्रमुख दर्शन दानू कहा कि देवाल बाजार में अंग्रेजी शराब की दुकान के विक्रेताओं द्वारा नियमों को ताक में रखकर देर रात तक शराब की बिक्री की गई, जो कि गलत है। प्रतिनिधिमंडल में कनिष्ठ उप प्रमुख हीरा सिंह, प्रधान संघ के अध्यक्ष राजेंद्र बिष्ट, प्रधान मनोज कुमार, भागीरथी तोरतियाल, गोपी मेहरा आदि मौजूद थे।
शराब से लगाव और कोरोना से हीलाहवाली : सरिता
पौड़ी। प्रदेश में सरकार की ओर से शराब की दुकानों को खोलने के निर्णय पर प्रदेश कांग्रेस सचिव सरिता नेगी ने रोष जताया। उन्होंने कहा कि शराब की दुकानें खोली जा रही हैं, लेकिन कोरोना के प्रति लापरवाही बरती जा रही है। कहा कि प्रदेश व विदेश के विभिन्न क्षेत्रों से गांव लौट रहे लोगों को होम क्वारंटीन किया जा रहा है, लेकिन इसकी कोई निगरानी नहीं हो रही है। सरिता नेगी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने शराब की दुकानों को खोलने में बड़ी जल्दबाजी दिखाई, लेकिन सामाजिक दूरी, सेल्समैनों का मेडिकल सहित अनेक मानकों का पालन करना भूल गई है।
विज्ञापन
लॉकडाउन में छूट मिलने पर डुंडा में अंग्रेजी शराब की दुकान खुलने की तैयारियां के बीच क्षेत्र की महिलाएं विरोध में उतर आई हैं। मंगलवार को बीरपुर गांव की प्रधान सुनीता नेगी और डुंडा की प्रधान पुष्पा भट्ट के नेतृत्व में महिलाओं ने शराब की दुकान के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन में काम कारोबार ठप होने से पहले ही लोगों की आजीविका चौपट हो गई है और अब शराब की दुकान खुलने से रही सही कसर भी पूरी हो जाएगी। उन्होंने शराब की दुकान खुलने से क्षेत्र में माहौल खराब होने की आशंका भी जताई। उन्होंने कहा कि यदि सरकार को राजस्व की इतनी ही फिक्र है, तो लॉकडाउन के बाद हालात सामान्य होने पर ही शराब की दुकानें खोलने पर विचार करना चाहिए। डुंडा की प्रधान पुष्पा भट्ट ने कचड़ू देवता मंदिर से लेकर रेणुका देवी मंदिर बीच डुंडा क्षेत्र में शराब की दुकान खोलने का विरोध किया है।
विज्ञापन
शराब की दुकानें खुलने में आ रही है अड़चन
उत्तरकाशी। जिले की 17 शराब की दुकानों में से सिर्फ भटवाड़ी, ब्रह्मखाल और नौगांव की तीन दुकानें ही खुल पाई। शराब कारोबारी जहां लॉकडाउन अवधि का टैक्स माफ करने की मांग कर रहे हैं, वहीं आबकारी विभाग को राजस्व की चिंता सता रही है।
विज्ञापन
जिला आबकारी अधिकारी हरीशचंद्र सिंह ने बताया कि जिले अंग्रेजी शराब की कुल 17 दुकानें हैं, जिनसे प्रतिमाह करीब तीन करोड़ राजस्व प्राप्त होता है। विभाग ने वित्तीय वर्ष समाप्त होने पर इन दुकानों में बची करीब डेढ़ करोड़ की शराब ले ली है, जबकि इन दुकानों में 1.03 करोड़ टैक्स की शराब का उठान अवशेष था। इसकी रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेज दी गई है। शराब कारोबारी देवेंद्र बिष्ट ने बताया कि बीते वित्तीय वर्ष में लॉकडाउन के चलते दस दिनों तक दुकानें बंद रहने के कारण काफी नुकसान उठाना पड़ा। सरकार को लॉकडाउन अवधि का टैक्स लौटाना चाहिए।
फोटो
शराब की दुकानें रात तक खोलने का आरोप
देवाल। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने अंग्रेजी शराब की दुकान के विक्रेताओं पर देर रात तक शराब की बिक्री करने का आरोप लगाया। एसडीएम को मिले प्रतिनिधिमंडल ने शराब विक्रेताओं पर लॉकडाउन के नियमों का पालन न करने का आरोप लगाया।
मंगलवार को ब्लॉक प्रमुख दर्शन दानू कहा कि देवाल बाजार में अंग्रेजी शराब की दुकान के विक्रेताओं द्वारा नियमों को ताक में रखकर देर रात तक शराब की बिक्री की गई, जो कि गलत है। प्रतिनिधिमंडल में कनिष्ठ उप प्रमुख हीरा सिंह, प्रधान संघ के अध्यक्ष राजेंद्र बिष्ट, प्रधान मनोज कुमार, भागीरथी तोरतियाल, गोपी मेहरा आदि मौजूद थे।
शराब से लगाव और कोरोना से हीलाहवाली : सरिता
पौड़ी। प्रदेश में सरकार की ओर से शराब की दुकानों को खोलने के निर्णय पर प्रदेश कांग्रेस सचिव सरिता नेगी ने रोष जताया। उन्होंने कहा कि शराब की दुकानें खोली जा रही हैं, लेकिन कोरोना के प्रति लापरवाही बरती जा रही है। कहा कि प्रदेश व विदेश के विभिन्न क्षेत्रों से गांव लौट रहे लोगों को होम क्वारंटीन किया जा रहा है, लेकिन इसकी कोई निगरानी नहीं हो रही है। सरिता नेगी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने शराब की दुकानों को खोलने में बड़ी जल्दबाजी दिखाई, लेकिन सामाजिक दूरी, सेल्समैनों का मेडिकल सहित अनेक मानकों का पालन करना भूल गई है।