{"_id":"696245d38a71e30641086150","slug":"women-are-being-given-training-in-making-products-from-soybeans-uttarkashi-news-c-54-1-uki1003-117284-2026-01-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Uttarkashi News: महिलाओं को दिया जा रहा सोयाबीन से निर्मित उत्पादों का प्रशिक्षण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Uttarkashi News: महिलाओं को दिया जा रहा सोयाबीन से निर्मित उत्पादों का प्रशिक्षण
Sat, 10 Jan 2026 05:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Sat, 10 Jan 2026 05:58 PM IST
विज्ञापन
उत्तरकाशी। भटवाड़ी विकासखंड तहत नेताला गांव में रेणुका समिति मातली की ओर से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में 15 दिवसीय सूक्ष्म उद्यमिता विकास कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। 30 महिलाओं को सोयाबीन से टोफू और अन्य मूल्य संवर्धित उत्पादों के निर्माण का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कार्यक्रम का आयोजन राज्य कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के सहयोग से किया जा रहा है। कार्यक्रम का शुभारंभ रेणुका समिति के अध्यक्ष प्रज्ज्वल उनियाल, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक के पारित गुप्ता, मुख्य उद्यान अधिकारी रजनीश सिंह, एसआई दीपशिखा ने किया। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्यम विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि सोयाबीन जैसे पोषक एवं बहु उपयोगी उत्पाद के प्रसंस्करण से न केवल महिलाओं की आय में वृद्धि होगी बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। रेणुका समिति की ओर से दी जानकारी में बताया गया कि प्रशिक्षण के बाद महिलाओं को उत्पाद पैकेजिंग, गुणवत्ता नियंत्रण एवं विपणन से संबंधित मार्गदर्शन भी दिया जाएगा। इससे वह अपने उत्पादों को बाजार से जोड़ सकेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
कार्यक्रम का आयोजन राज्य कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के सहयोग से किया जा रहा है। कार्यक्रम का शुभारंभ रेणुका समिति के अध्यक्ष प्रज्ज्वल उनियाल, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक के पारित गुप्ता, मुख्य उद्यान अधिकारी रजनीश सिंह, एसआई दीपशिखा ने किया। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्यम विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि सोयाबीन जैसे पोषक एवं बहु उपयोगी उत्पाद के प्रसंस्करण से न केवल महिलाओं की आय में वृद्धि होगी बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। रेणुका समिति की ओर से दी जानकारी में बताया गया कि प्रशिक्षण के बाद महिलाओं को उत्पाद पैकेजिंग, गुणवत्ता नियंत्रण एवं विपणन से संबंधित मार्गदर्शन भी दिया जाएगा। इससे वह अपने उत्पादों को बाजार से जोड़ सकेंगे।
विज्ञापन