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Uttarkashi News: दो करोड़ की पंपिंग योजना पर दो दिन भी नहीं चला पानी
Wed, 12 Mar 2025 04:59 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Wed, 12 Mar 2025 04:59 PM IST
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चार गांव के लोगों को हो रही है परेशानी, अनियमितताओं का लगाया आरोप
पुरोला। विकासखंड के चार गांव के लिए जल संस्थान ने दो करोड़ 42 लाख की लागत से कमल नदी में पंपिंग योजना तो तैयार कर दी, लेकिन उस पर मात्र दो दिन ही पानी की आपूर्ति हो पाई। वहीं अब स्थिति यह है कि इन चार गांव के ग्रामीणों को पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। वहीं ग्रामीणों ने योजना निर्माण के दौरान अनियमितताओं का आरोप लगाया है।
जल जीवन मिशन योजना के तहत पुरोला के कोटी, धामपुर, मोल्टाडी, कुमार कोट गांव के लिए जल संस्थान ने पंपिंग योजना का निर्माण तो कर दिया, लेकिन उससे आपूर्ति शुरू नहीं करवा पा रही है। गजल संस्थान की ओर से टेस्टिंग कर बोरिंग भी की गई, लेकिन दो दिन पानी की आपूर्ति होने के बाद यह बंद पड़ा है। विभाग ने इसका कार्य जनवरी में पूरा कर दिया है।
धामपुर के निवर्तमान प्रधान धर्म लाल दोरियाल ने कहा कि उन्हें योजना के निर्माण, शिलान्यास या लोकार्पण की जानकारी नहीं है। वहीं विभाग की लापरवाही का आलम यह है कि जलस्तर की टेस्टिंग के बिना ही पंपिंग के लिए बोरिंग कर दी गई थी। पहले दिन पानी की आपूर्ति सुचारू रही, लेकिन उसके बाद वह बंद हो गई। सवाल यह उठता है कि क्या विभाग की तकनीकी टीम को पहले जलस्तर कम होने की जानकारी नहीं हो पाई थी। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता देवराज तोमर ने बताया कि शुरूवात में दो दिन पानी चला था, लेकिन 400 मीटर की दूरी पर एक अन्य पंपिंग योजना होने के कारण जलस्तर कम होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि जल्द ही पानी की आपूर्ति सुचारू की जाएगी।
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पुरोला। विकासखंड के चार गांव के लिए जल संस्थान ने दो करोड़ 42 लाख की लागत से कमल नदी में पंपिंग योजना तो तैयार कर दी, लेकिन उस पर मात्र दो दिन ही पानी की आपूर्ति हो पाई। वहीं अब स्थिति यह है कि इन चार गांव के ग्रामीणों को पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। वहीं ग्रामीणों ने योजना निर्माण के दौरान अनियमितताओं का आरोप लगाया है।
जल जीवन मिशन योजना के तहत पुरोला के कोटी, धामपुर, मोल्टाडी, कुमार कोट गांव के लिए जल संस्थान ने पंपिंग योजना का निर्माण तो कर दिया, लेकिन उससे आपूर्ति शुरू नहीं करवा पा रही है। गजल संस्थान की ओर से टेस्टिंग कर बोरिंग भी की गई, लेकिन दो दिन पानी की आपूर्ति होने के बाद यह बंद पड़ा है। विभाग ने इसका कार्य जनवरी में पूरा कर दिया है।
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धामपुर के निवर्तमान प्रधान धर्म लाल दोरियाल ने कहा कि उन्हें योजना के निर्माण, शिलान्यास या लोकार्पण की जानकारी नहीं है। वहीं विभाग की लापरवाही का आलम यह है कि जलस्तर की टेस्टिंग के बिना ही पंपिंग के लिए बोरिंग कर दी गई थी। पहले दिन पानी की आपूर्ति सुचारू रही, लेकिन उसके बाद वह बंद हो गई। सवाल यह उठता है कि क्या विभाग की तकनीकी टीम को पहले जलस्तर कम होने की जानकारी नहीं हो पाई थी। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता देवराज तोमर ने बताया कि शुरूवात में दो दिन पानी चला था, लेकिन 400 मीटर की दूरी पर एक अन्य पंपिंग योजना होने के कारण जलस्तर कम होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि जल्द ही पानी की आपूर्ति सुचारू की जाएगी।
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