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पेयजल योजना के निर्माण में गड़बड़ी पर ग्रामीणों ने जताया रोष
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ठकराल पट्टी के बंचाण गांव में बन रही पेयजल योजना में अनियमितताओं को लेकर स्थानीय लोगों ने रोष व्यक्त किया है। आक्रोशित ग्रामीणों ने जल निगम के अधिकारियों और ठेकेदार पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए प्रशासन से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। कहा कि मांग पूरी नहीं होने पर उन्होंने उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
बंचाण गांव के सोबेंद्र सिंह, ओमप्रकाश खंडूरी, जयेंद्र आदि ग्रामीणों ने बताया कि जल निगम द्वारा गांव में करीब 37 लाख रुपये की लागत से पेयजल योजना का निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से ठेकेदार निर्माण कार्य में घटिया गुणवत्ता की सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है। आलम यह है कि योजना के लिए जलस्रोत के बजाय कर्मचारी पाइप लाइन को किसी अन्य स्थान से जोड़ रहे हैं। जबकि पाइप लाइन को भी मानकों के अनुसार नहीं बिछाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पेयजल के नाम पर गांव में तीसरी योजना का निर्माण हो रहा है, लेकिन इसमें भी लापरवाही बरती जा रही है। जिसे ग्रामीणों द्वारा बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों ने मांग पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी। इस संबंध में जल निगम के साइट इंचार्ज एमएस कफोला ने कहा की पेयजल योजना के लिए प्रयोग किए जा रहे करीब डेढ़ सौ पाइप खराब गुणवत्ता के पाए गए हैं। जिन्हें तत्काल प्रभाव से बदल दिया गया है। ग्रामीणों की शिकायत पर जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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बंचाण गांव के सोबेंद्र सिंह, ओमप्रकाश खंडूरी, जयेंद्र आदि ग्रामीणों ने बताया कि जल निगम द्वारा गांव में करीब 37 लाख रुपये की लागत से पेयजल योजना का निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से ठेकेदार निर्माण कार्य में घटिया गुणवत्ता की सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है। आलम यह है कि योजना के लिए जलस्रोत के बजाय कर्मचारी पाइप लाइन को किसी अन्य स्थान से जोड़ रहे हैं। जबकि पाइप लाइन को भी मानकों के अनुसार नहीं बिछाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पेयजल के नाम पर गांव में तीसरी योजना का निर्माण हो रहा है, लेकिन इसमें भी लापरवाही बरती जा रही है। जिसे ग्रामीणों द्वारा बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों ने मांग पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी। इस संबंध में जल निगम के साइट इंचार्ज एमएस कफोला ने कहा की पेयजल योजना के लिए प्रयोग किए जा रहे करीब डेढ़ सौ पाइप खराब गुणवत्ता के पाए गए हैं। जिन्हें तत्काल प्रभाव से बदल दिया गया है। ग्रामीणों की शिकायत पर जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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