{"_id":"56fd56c04f1c1b383af00105","slug":"vidohn-scientifically-cruising-threatens-forests","type":"story","status":"publish","title_hn":"अवैज्ञानिक ढंग से विदोहन से वनों पर मंडरा रहा खतरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अवैज्ञानिक ढंग से विदोहन से वनों पर मंडरा रहा खतरा
अमर उजाला/बड़कोट।
Updated Thu, 31 Mar 2016 10:26 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अपर यमुना वन प्रभाग के जंगलों में अवैज्ञानिक ढंग से बुरांश के फूल, चारा पत्ती और झूला घास का विदोहन किए जाने से वनों के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। जिला युवा समिति अध्यक्ष ने वन विभाग से इस मामले में कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन
युवा समिति के अध्यक्ष आजाद डिमरी ने बताया कि अपर यमुना वन प्रभाग के भाटिया, कफनौल, राड़ी, सरनौल, बडियार, बियाली, उपराड़ी, गैर, कंसेरू आदि जंगलों में आजकल धड़ल्ले से बुरांश के फूलों के साथ ही चारा पत्ती और झूला घास का विदोहन किया जा रहा है। वन विभाग का कोई नियंत्रण नहीं होने से लोग अवैज्ञानिक ढंग से विदोहन कर पेड़ों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। फूल, चारापत्ती और झूला घास के लिए पेड़ों की टहनियों का ही सफाया किया जा रहा है, जिससे संरक्षित वनों के अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा है। उन्होंने इस संबंध में डीएफओ को पत्र लिखा है। ब्यूरो
विज्ञापन