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संशोधित..उत्तरकाशी: दो महीने में ही टूट गया पिछले फायर सीजन का रिकार्ड

Tue, 12 Apr 2022 10:06 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 12 Apr 2022 10:06 PM IST
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Uttarkashi: The record of the last fire season was broken in two months
जंगलों में लगी आग नहीं थम रही है। आलम ये है कि वनाग्नि की दिनोंदिन बढ़ती घटनाओं के कारण दो माह में ही पिछले फायर सीजन का रिकार्ड टूट गया है। पिछले पूरे फायर सीजन में जहां वनाग्नि की 24 घटनाओं में 16.45 हेक्टेयर जंगल जला था, वहीं इस सीजन के दो महीने में ही अब तक वनाग्नि की 43 घटनाएं हो चुकी है। जिसमें 19 हेक्टेयर जंगल जल चुका है।
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जनपद के लगभग 86 प्रतिशत (224370.60 हेक्टेयर) भू-भाग पर वन क्षेत्र है, जिसमें बांज, बुरांश और देवदार के जंगल का भी क्षेत्र है। लेकिन हर साल फायर सीजन के चलते वन क्षेत्र पर संकट के बादल मंडराते रहते हैं। इस फायर सीजन में तापमान बढ़ने के साथ जंगलों में आग की घटनाएं भी बढ़ती जा रही है, जिसकी रोकथाम के लिए वन विभाग भी लाचार नजर आ रहा है। जंगलों में आग से जुड़े विभागीय आंकड़ों पर नजर डालें, तो 15 फरवरी से शुरू होकर 15 जून तक चलने वाले फायर सीजन को अभी करीब दो माह का समय बीता है। लेकिन इन दो महीनों में ही मंगलवार दिन तक वनाग्नि की 43 घटनाएं घट चुकी हैं। जबकि पिछले साल पूरे फायर सीजन में वनाग्नि की घटनाओं का आंकड़ा 24 रहा था। संवाद
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उत्तरकाशी वन प्रभाग में अब तक घटी घटनाएं
रेंज नाम घटना प्रभावित क्षेत्र (हेक्टेयर में)
मुखेम 17 7.05
बाड़ाहाट 7 4.10
डुंडा 19 8.00
(आंकड़ा 12 अप्रैल दिन 3 बजे तक के हैं।)
तीन साल में जला 117.67 हेक्टेयर जंगल
उत्तरकाशी वन प्रभाग में पिछले तीन सालों में 117.67 हेक्टेयर जंगल वनाग्नि की भेंट चढ़ चुका है। बीते साल 2021 में 16.45 हेक्टेयर, वर्ष 2019 में 47.72 और वर्ष 2018 में 53.50 हेक्टेयर वनाग्नि की चपेट में आया था। हालांकि लॉकडाउन होने के कारण वर्ष 2020 में वनाग्नि की घटनाएं दर्ज नहीं की गई।
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प्रत्येक फायर अलर्ट पर कार्रवाई की जा रही है। आवासीय बस्ती के पास आग न आए, इसके लिए एसडीआरएफ, आईटीबीपी, फायर ब्रिगेड व पुलिस के साथ समन्वय बनाकर कार्य किया जा रहा है।
-पुनीत तोमर, डीएफओ, उत्तरकाशी वन प्रभाग।
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