लाल बहादुर शास्त्री एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन मसूरी में प्रशिक्षण पा रहे आईएएस अधिकारियों के दल ने कासला से भराड़सर ताल तक ट्रैकिंग का लुत्फ लिया। आठ दिन के इस ट्रैक के दौरान यहां के नैसर्गिक सौंदर्य और ग्रामीण जीवन शैली से ये अधिकारी खासे प्रभावित हुए।
आईएएस की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद लाल बहादुर शास्त्री एकेडमी मसूरी में प्रशिक्षण के दौरान आईएएस अधिकारियों को विभिन्न क्षेत्रों में ट्रैकिंग कराई जाती है। इस क्रम में 21 आईएएस अधिकारियों का दल बीते 6 नवंबर को मोरी प्रखंड के कासला गांव पहुंचा। यहां से अगले दिन वे सुराली के जंगल पहुंचे। यहां से देववास कैंप होते हुए 10 नवंबर को दल भराड़सर ताल पहुंचा। यहां नैसर्गिक सौंदर्य का लुत्फ उठाने के साथ ही उन्होंने ट्रैकिंग की बारीकियां सीखीं। 13 नवंबर को ट्रैकिंग अभियान पूरा कर आईएएस अधिकारियों का दल लौट आया है। ट्रैकिंग अभियान के संयोजक हिमालयन हाईकर्स के कुलदीप रावत ने बताया कि ट्रैकिंग के दौरान सभी प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी क्षेत्र के नैसर्गिक सौंदर्य से अभिभूत नजर आए। अभियान में हिमालयन हाईकर्स के टीम लीडर प्रमोद राणा, कैलाश, उपेंद्र, सुरेंद्र, देवेंद्र राणा, अनुराधा रावत आदि ने विशेष सहयोग दिया।