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टिकट की आस लगाए बैठे दावेदारों में रोष
ब्यूरो/ अमर उजाला, उत्तरकाशी
Updated Tue, 17 Jan 2017 10:39 PM IST
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ले की तीनों विधानसभाओं से भाजपा ने प्रत्याशी तय कर दिए हैं। इसके बाद अब टिकट की आस लगाए बैठे कई दावेदार विरोध में आ गए हैं। गंगोत्री विधानसभा से एक बार फिर भाजपा ने पूर्व विधायक गोपाल रावत को प्रत्याशी घोषित किया है, लेकिन टिकट के दावेदारों में चारधाम विकास परिषद् के पूर्व उपाध्यक्ष सूरतराम नौटियाल का नाम भी शामिल था।
टिकट नहीं मिलने से नौटियाल काफी नाराज हैं और जनता के बीच जाकर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। यमुनोत्री विधानसभा में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में 20 साल बाद वापसी कर रहे पूर्व विधायक केदार सिंह रावत को ऐन वक्त पर भाजपा ने टिकट दिया है। इस पर दावेदारों ने भाजपा के प्रदेश कार्यालय में विरोध जताते हुए हाईकमान से टिकट पर पुन: विचार करने और कार्यकर्ताओं में से किसी एक दावेदार को टिकट देने की मांग की है।
इनमें पूर्व ब्लॉक प्रमुख जगवीर सिंह भंडारी, जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मण भंडारी, मनवीर सिंह चौहान, पूर्व जिला पंचायत सदस्य रणवीर राणा, पूर्व जिलाध्यक्ष गजेंद्र सिंह राणा, रमेश रावत शामिल हैं। पुरोला सीट पर सिटिंग विधायक मालचंद को पार्टी ने फिर से टिकट दिया है, जबकि राजकुमार को पार्टी ने फिर से नजरअंदाज किया है।
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राजकुमार 2007 में भाजपा के टिकट पर सहसपुर से चुनाव जीते थे। वर्ष 2012 विस चुनाव में भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़े राजकुमार उस समय दूसरे नंबर पर रहे थे। राजकुमार को टिकट नहीं मिलने पर नौगांव में राजकुमार के समर्थकों ने मंगलवार को भाजपा के बैनर, झंडे जलाते हुए विरोध प्रकट किया है।
उधर, नौगांव में भी राजकुमार को टिकट नहीं दिए जाने पर समर्थकों ने पार्टी के झंडे जलाए। आक्रोश जताने वालों में विपिन चौहान, हरिमोहन, सुशील, संजय, अजय, प्रदीप, राजबीर, जनक, महेश, गोकुल, पूरण आदि शामिल थे। वहीं राजकुमार ने बताया कि उन्होंने बुधवार को नौगांव में समर्थकों की महापंचायत बुलाई है, जिसमें तय किया जाएगा कि चुनाव निर्दलीय लड़ना है या किसी पार्टी के बैनर तले।
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टिकट नहीं मिलने से नौटियाल काफी नाराज हैं और जनता के बीच जाकर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। यमुनोत्री विधानसभा में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में 20 साल बाद वापसी कर रहे पूर्व विधायक केदार सिंह रावत को ऐन वक्त पर भाजपा ने टिकट दिया है। इस पर दावेदारों ने भाजपा के प्रदेश कार्यालय में विरोध जताते हुए हाईकमान से टिकट पर पुन: विचार करने और कार्यकर्ताओं में से किसी एक दावेदार को टिकट देने की मांग की है।
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इनमें पूर्व ब्लॉक प्रमुख जगवीर सिंह भंडारी, जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मण भंडारी, मनवीर सिंह चौहान, पूर्व जिला पंचायत सदस्य रणवीर राणा, पूर्व जिलाध्यक्ष गजेंद्र सिंह राणा, रमेश रावत शामिल हैं। पुरोला सीट पर सिटिंग विधायक मालचंद को पार्टी ने फिर से टिकट दिया है, जबकि राजकुमार को पार्टी ने फिर से नजरअंदाज किया है।
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राजकुमार 2007 में भाजपा के टिकट पर सहसपुर से चुनाव जीते थे। वर्ष 2012 विस चुनाव में भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़े राजकुमार उस समय दूसरे नंबर पर रहे थे। राजकुमार को टिकट नहीं मिलने पर नौगांव में राजकुमार के समर्थकों ने मंगलवार को भाजपा के बैनर, झंडे जलाते हुए विरोध प्रकट किया है।
उधर, नौगांव में भी राजकुमार को टिकट नहीं दिए जाने पर समर्थकों ने पार्टी के झंडे जलाए। आक्रोश जताने वालों में विपिन चौहान, हरिमोहन, सुशील, संजय, अजय, प्रदीप, राजबीर, जनक, महेश, गोकुल, पूरण आदि शामिल थे। वहीं राजकुमार ने बताया कि उन्होंने बुधवार को नौगांव में समर्थकों की महापंचायत बुलाई है, जिसमें तय किया जाएगा कि चुनाव निर्दलीय लड़ना है या किसी पार्टी के बैनर तले।