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वैकल्पिक व्यवस्था न होना पड़ सकता है गर्भवती पर भारी
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धरासू-जोगत मार्ग पर आवाजाही बंद होने के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है, जो गर्भवती महिलाओं के लिए भारी पड़ सकती है। मोटर मार्ग पर यातायात एक सप्ताह के लिए बंद किया गया है। वहीं जिलाधिकारी का कहना है कि वैकल्पिक व्यवस्था के तौर बोट आदि लगाई जा रही है।
टिहरी बांध की झील के कटाव व भू धसांव से धरासू-जोगत मोटर मार्ग काफी संकरा हो गया था, जिसकी मरम्मत किए जाने की मांग स्थानीय निवासी लंबे समय से कर रहे थे। इस मोटर मार्ग से दिचली-गमरी पट्टी के 40 गांवों के अलावा टिहरी के प्रतापनगर क्षेत्र के डेढ़ दर्जन गांवों के ग्रामीण आवाजाही करते हैं। यह मोटर मार्ग इन गांवों को चिन्यालीसौड़ से जोड़ता है। जिला प्रशासन के निर्देेश पर उक्त मोटर मार्ग पर एक सप्ताह के लिए यातायात पूरी तरह बंद कर दिया गया है। जिससे इन गांवों के ग्रामीणों को चिन्यालीसौड़ पहुंचने के लिए 60 किमी का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है। प्रशासन ने यहां वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर हडियाडी के समीप से बोट आदि लगाए जाने की बात कही थी, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इसका खामियाजा गर्भवती महिलाओं को भुगतना पड़ सकता है। दिचली गमरी क्षेत्र में करीब 10 गर्भवती महिलाओं के इस सप्ताह प्रसव होना है, लेकिन मार्ग बंद होने से वह प्रसव के लिए सीएचसी चिन्यालीसौड़ आसानी से नहीं पहुंच पाएंगी।
- वैकल्पिक व्यवस्था के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। यहां बोट आदि से आवाजाही के प्रयास किए जा रहे हैं। -मयूर दीक्षित, डीएम उत्तरकाशी।
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टिहरी बांध की झील के कटाव व भू धसांव से धरासू-जोगत मोटर मार्ग काफी संकरा हो गया था, जिसकी मरम्मत किए जाने की मांग स्थानीय निवासी लंबे समय से कर रहे थे। इस मोटर मार्ग से दिचली-गमरी पट्टी के 40 गांवों के अलावा टिहरी के प्रतापनगर क्षेत्र के डेढ़ दर्जन गांवों के ग्रामीण आवाजाही करते हैं। यह मोटर मार्ग इन गांवों को चिन्यालीसौड़ से जोड़ता है। जिला प्रशासन के निर्देेश पर उक्त मोटर मार्ग पर एक सप्ताह के लिए यातायात पूरी तरह बंद कर दिया गया है। जिससे इन गांवों के ग्रामीणों को चिन्यालीसौड़ पहुंचने के लिए 60 किमी का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है। प्रशासन ने यहां वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर हडियाडी के समीप से बोट आदि लगाए जाने की बात कही थी, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इसका खामियाजा गर्भवती महिलाओं को भुगतना पड़ सकता है। दिचली गमरी क्षेत्र में करीब 10 गर्भवती महिलाओं के इस सप्ताह प्रसव होना है, लेकिन मार्ग बंद होने से वह प्रसव के लिए सीएचसी चिन्यालीसौड़ आसानी से नहीं पहुंच पाएंगी।
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- वैकल्पिक व्यवस्था के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। यहां बोट आदि से आवाजाही के प्रयास किए जा रहे हैं। -मयूर दीक्षित, डीएम उत्तरकाशी।