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तपोवनी माता साध्वी सुभद्रा को दी गई भू-समाधि

Fri, 05 Feb 2021 10:59 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 05 Feb 2021 10:59 PM IST
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The tomb given to Tapovani Mata Sadhvi Subhadra
गंगोरी उत्तरकाशी स्थित आश्रम में ब्रह्मलीन साध्वी सुभद्रा तपोवनी माता को भू समाधि देते आचार्य ब - फोटो : UTTER KASHI
तपोवनी माता के नाम से प्रसिद्ध साध्वी सुुुभद्रा माता को शुक्रवार को उनके गंगोरी उत्तरकाशी स्थित आश्रम में भू-समाधि दी गई। इस अवसर पर उनकी गुरू बहन पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती और धर्म पुत्र आचार्य बालकृष्ण भी मौजूद रहे।
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चार दशक तक गंगोत्री, भोजवासा एवं तपोवन क्षेत्र में कठिन तप करने वाली तपोवनी माता साध्वी सुभद्रा का बृहस्पतिवार को 90 वर्ष की आयु में रामकृष्ण मिशन अस्पताल हरिद्वार में उपचार के दौरान निधन हो गया था। शुक्रवार को उनका पार्थिव शरीर सुबह 11 बजे गंगोरी स्थित उनके आश्रम में लाया गया। जहां आश्रम से जुड़े साधु-संतों ने धार्मिक रीति-रिवाज पूरे किए। इसके बाद शाम पांच बजे माधवाचार्य पीठ की परंपरा अनुसार उन्हें भू-समाधि दी गई। पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने कहा कि हिमालय में लंबे समय तक तप और साधना करने वाली तपोवनी माता पहली महिला हैं। उनका सेवा भाव सभी के लिए प्रेरणादायी है। आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि जब वह छोटे थे, तब तपोवनी माता से मिलने आए थे। उसके बाद से उन्हें हमेशा तपोवनी माता का मार्गदर्शन मिलता रहा। इस मौके पर स्वामी राघवेंद्रानंद, पालिकाध्यक्ष रमेश सेमवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश चौहान, हरीश डंगवाल, महेश पंवार, स्वामी हरिपरमेंद्रानंद, स्वामी हरिओमानंद, स्वामी हरिदास, साध्वी ज्योत्सना माता, कुट्टी स्वामी, राजकुमार आदि अनेक लोग मौजूद रहे।
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