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Uttarkashi News: 35 साल से खाली पड़ी है जोगत तल्ला पटवारी चौकी

Sat, 23 May 2026 06:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी Updated Sat, 23 May 2026 06:45 PM IST
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The Jogat Talla Patwari Post has been lying vacant for 35 years.
पटवारी से मिलने के लिए लगानी पड़ती है60 किमी की दौड़
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चिन्यालीसौड़ क्षेत्र की कई चौकियां वर्षों से पड़ी है बदहाल
चिन्यालीसौड़। सरकार भले ही जनता के द्वार जैसे कार्यक्रमों के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों तक सुविधाएं पहुंचाने का दावा कर रही हो लेकिन धरातल पर स्थिति इससे बिल्कुल उलट है। चिन्यालीसौड़ क्षेत्र की कई पटवारी चौकियां वर्षों से खाली पड़ी है।
हालत यह है कि जोगत तल्ला पटवारी चौकी में पिछले 35 वर्षों से पटवारी नहीं बैठे हैं जबकि कवागढ़ी पटवारी चौकी भी करीब डेढ़ दशक से बिना पटवारी के संचालित हो रही है। इससे ग्रामीणों को छोटे-छोटे राजस्व संबंधी कार्यों के लिए भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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ग्रामीणों को प्रमाणपत्र, रिपोर्ट, आदेश और अन्य कागजी कार्यों के लिए 40 से 60 किलोमीटर तक का सफर तय कर देवीसौड़ और चिन्यालीसौड़ पहुंचना पड़ता है। वहां भी कई बार पटवारी नहीं मिलने पर उन्हें निराश होकर लौटना पड़ता है। सिर्फ जोगत तल्ला और कवागढ़ी ही नहीं, बल्कि कालागढ़ी-बनकोट, दिचली, क्यारी, सर्प, जगड़गांव, भैगवाल गांव और गोरणगांव समेत कई क्षेत्रों की पटवारी चौकियों की स्थिति भी इसी तरह बदहाल बनी हुई है। अधिकांश चौकियों पर नियमित रूप से पटवारी नहीं बैठते।
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क्षेत्र पंचायत सदस्य तल्ला जोगत कोमल रावत ने बताया कि एक बार पटवारी के काम से जाने में करीब 200 रुपये किराया खर्च हो जाता है और पूरा दिन खराब हो जाता है। इसके बावजूद कई बार पटवारी नहीं मिलते जिससे लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ता है। वर्षों से पटवारी चौकी पर नियमित पटवारी बैठाने की मांग की जा रही है लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई।

उन्होंने बताया कि जोगत पटवारी चौकी के अंतर्गत दिचली पट्टी के तीनों जोगत और गढ़वालगाड जैसे बड़े गांव आते हैं, जहां बड़ी आबादी राजस्व सेवाओं के लिए इसी चौकी पर निर्भर है। वहीं, कवागढ़ी की प्रधान मीना थपलियाल ने बताया कि वर्ष 2014-15 के बाद से पटवारी चौकी में नियमित रूप से कोई पटवारी नहीं बैठा। डीएम प्रशांत आर्य का कहना है कि इस संंबंध में तहसीलदारों से रिपोर्ट मांगी गई हैं कि किन स्थानों पर पटवारी चौकी रहने लायक नहीं है। साथ ही यह भी निर्देश दिया गया है कि पटवारी अपने क्षेत्र के सुविधाजनक स्थान पर ही रहें।
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