{"_id":"671f940e6550f38bf40ee843","slug":"the-administration-is-not-informed-about-the-shops-selling-firecrackers-in-ramlila-maidan-uttarkashi-news-c-54-1-uki1003-109265-2024-10-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Uttarkashi News: रामलीला मैदान में लगी पटाखों की दुकानों की प्रशासन को नहीं सूचना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Uttarkashi News: रामलीला मैदान में लगी पटाखों की दुकानों की प्रशासन को नहीं सूचना
Mon, 28 Oct 2024 07:09 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Mon, 28 Oct 2024 07:09 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तरकाशी। शहर के रामलीला मैदान में पटाखों की दुकान की एनओसी नहीं मिलने के बाद भी दुकानें सज गई है। ऐसी स्थिति में यह सवाल उठता है कि अगर कोई बड़ी दुर्घटना हो जाती है, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। वहीं, किसी भी दुकान में आग से सुरक्षा के किसी के भी उपाय नहीं है।
अग्निशमन विभाग और एसडीएम की अनुमति के बिना करीब 25 से अधिक दुकानें लगी है। इन दुकानों में अभी तक प्रशासन और फायर ब्रिगेड की अनुमति नहीं दी गई है। उसके बावजूद अभी तक एनओसी नहीं ली गई है। वहीं, इस संबंध में जब एसडीएम और फायर स्टेशन जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि अभी तक इस संबंध में दुकानदारों की ओर से कोई जानकारी नहीं ली गई है।
वहीं, दुकान लगाने वाले कुछ लोगों का कहना है कि पटाखों की दुकान के लिए रामलीला मैदान में ठेकेदारों की ओर से करीब 15 हजार की रकम वसूली जा रही है। ऐसी स्थिति में अगर मैदान में अग्निकांड के चलते कोई बड़ी घटना हो जाती है, तो उसकी जिम्मेदारी लेने के लिए कोई तैयार नहीं हो रहा है। जिला अग्निशमन अधिकारी देवेंद्र सिंह नेगी का कहना है कि इस संबंध में एसडीएम लाइसेंस जारी करते हैं। इस संबंध में अभी कोई जानकारी नहीं है। एसडीएम मुकेश रमोला का कहना है कि एनओसी के संबंध में अभी तक मेरे पास कोई जानकारी नहीं है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
अग्निशमन विभाग और एसडीएम की अनुमति के बिना करीब 25 से अधिक दुकानें लगी है। इन दुकानों में अभी तक प्रशासन और फायर ब्रिगेड की अनुमति नहीं दी गई है। उसके बावजूद अभी तक एनओसी नहीं ली गई है। वहीं, इस संबंध में जब एसडीएम और फायर स्टेशन जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि अभी तक इस संबंध में दुकानदारों की ओर से कोई जानकारी नहीं ली गई है।
विज्ञापन
वहीं, दुकान लगाने वाले कुछ लोगों का कहना है कि पटाखों की दुकान के लिए रामलीला मैदान में ठेकेदारों की ओर से करीब 15 हजार की रकम वसूली जा रही है। ऐसी स्थिति में अगर मैदान में अग्निकांड के चलते कोई बड़ी घटना हो जाती है, तो उसकी जिम्मेदारी लेने के लिए कोई तैयार नहीं हो रहा है। जिला अग्निशमन अधिकारी देवेंद्र सिंह नेगी का कहना है कि इस संबंध में एसडीएम लाइसेंस जारी करते हैं। इस संबंध में अभी कोई जानकारी नहीं है। एसडीएम मुकेश रमोला का कहना है कि एनओसी के संबंध में अभी तक मेरे पास कोई जानकारी नहीं है। संवाद
विज्ञापन