रवाईं को अलग जनपद बनाने की मांग जोर पकड़ती जा रही है। रवाईं जिला संघर्ष समिति के बैनरतले जिले की मांग पर चल रहा धरना आंदोलन पांचवें दिन भी जारी रहा। धरना स्थल को तहसील से हटाकर पूर्व मंत्री स्व. बरफिया लाल जुवांठा स्मारक पर शिफ्ट कर दिया गया है।
विषम भौगोलिक स्थितियों के चलते जिले की आधी आबादी वाली रवाईं घाटी को अलग जिला बनाने की मांग वर्षों से की जा रही है। वर्ष 2010 में तत्कालीन सीएम रमेश पोखरियाल निशंक ने यमुनोत्री जिले की घोषणा की थी। बाद में इस घोषणा को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। रवाईं को अलग जिला बनाने की मांग को लेकर बीते एक अप्रैल को रवाईं जिला संघर्ष समिति ने तहसील मुख्यालय पर जुलूस प्रदर्शन के साथ बेमियादी धरना आंदोलन शुरू किया था। सोमवार को पांचवें दिन भी धरना आंदोलन जारी रहा। धरना देने वालों में प्रकाश डबराल, अजय भारती, धर्मवीर जयाड़ा, गजेंद्र, रविंद्र लाल आदि मौजूद रहे। संवाद