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करोड़ों खर्च, काम आधा-अधूरा
ब्यूरो/अमर उजाला उत्तरकाशी
Updated Mon, 04 Apr 2016 10:24 PM IST
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काम आधा-अधूरा
- फोटो : amarujala
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प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बने सरनौल मोटर मार्ग की बदहाली से ग्रामीणों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। महज 15.15 किमी लंबी सड़क का साढ़े पांच करोड़ रुपये लागत से डामरीकरण कराया जा रहा है, लेकिन दो साल से अधिक समय बीतने पर भी काम पूरा नहीं हो पाया है। ग्रामीणों ने शीघ्र मानकों के अनुरूप सड़क तैयार नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
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नौगांव ब्लाक के सुदूरवर्ती सरनौल आदि गांवों को जोड़ने के लिए कुछ साल पहले सड़क का कटान तो हुआ, लेकिन अभी तक डामरीकरण नहीं हो पाया है। स्वीकृति मिलने पर फरवरी 2014 में पीएमजीएसवाई ने गंगटाड़ी से सरनौल 15.5 किमी लंबी सड़क पर 5.50 करोड़ रुपये लागत से डामरीकरण का अनुबंध कर काम शुरू कराया था।
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अनुबंध के अनुसार अगस्त 2015 में काम पूरा हो जाना था। जून 2015 में सरनौल पहुंचे तत्कालीन मुख्य सचिव एन रविशंकर ने भी ग्रामीणों की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिलाया था। विधायक प्रीतम पंवार ने भी इस संबंध में निर्देशित किया था।
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निर्माण की सुस्त रफ्तार के साथ ही कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं। सड़क पर रोड़ी के बजाय मिट्टी बिछाए जाने से जगह-जगह सड़क दलदली हो गई है। क्षेत्र के अवतार रावत, रणवीर राणा, जगमोहन राणा, शीशपाल, विजेंद्र आदि ने मानकों के अनुसार सड़क नहीं बनने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
डामरीकरण में विलंब के लिए ठेकेदार पर आधा प्रतिशत पेनल्टी लगाकर सितंबर 2016 तक कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। मानकों के तहत ग्रेन्यूलर सब बेस में पत्थर के साथ मिट्टी मिलाकर बिछाने का प्राविधान है। गुणवत्ता पर नजर रखी जा रही है। नियत समय पर काम पूरा कराया जाएगा।
एसएन सिंह, ईई, पीएमजीएसवाई पुरोला।