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चारों धामों में हुई बर्फबारी
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गंगोत्री धाम में मंगलवार रात बर्फबारी के बाद बर्फ से ढकी मूर्तियां।
- फोटो : UTTER KASHI
बुधवार तड़के गंगोत्री-यमुनोत्री व बदरीनाथ-केदारनाथ धाम में बर्फबारी हुई। साथ ही हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी, नीती घाटी सहित अन्य ऊंची चोटियों पर भी हिमपात हुआ।
गंगोत्री के तीर्थ पुरोहित सतेंद्र सेमवाल ने बताया कि धाम में चंद घंटों के भीतर ही करीब आधा फीट बर्फ गिरी। यमुनोत्री धाम भी बर्फ से लकदक हो गया है। गंगोत्री वैली में मुखबा एवं आसपास के क्षेत्र में बर्फ की सफेद चादर बिछ गई। उधर, केदारनाथ में बर्फबारी के बाद दिनभर सूरज और बादलों के बीच आंखमिचौली होती रही। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिशासी अभियंता प्रवीन कर्णवाल ने बताया कि बीते दो दिन से केदारनाथ में मौसम खराब है। बुधवार सुबह भी लगभग एक घंटे तक बर्फ गिरती रही। वहीं, वुड स्टोन कंस्ट्रक्शन कंपनी के मनोज सेमवाल ने बताया कि हल्की बर्फबारी से कार्यों में ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ा है। बर्फ गिरते ही पिघल रही है, जिससे दिक्कत नहीं हो रही है। वहीं बदरीनाथ में भी जमकर बर्फबारी हुई। धाम में करीब तीन इंच ताजी बर्फ जमी है। इसके अलावा हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी, नीती घाटी सहित अन्य ऊंची चोटियों पर भी हिमपात हुआ। संवाद
उत्तरकाशी। मंगलवार रात को जिले के घाटी वाले क्षेत्रों में झमाझम बारिश से जंगलों की आग बुझने पर वन विभाग ने राहत की सांस ली है। मंगलवार शाम को जिले में तेज हवाएं चलीं, जबकि देर रात को जिला मुख्यालय समेत निचली घाटियों में झमाझम बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हुई।
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बारिश एवं बर्फबारी से तापमान में गिरावट आने से लोगों को तपती गर्मी से कुछ राहत तो मिली, लेकिन बुधवार सुबह फिर चटक धूप खिलने से तापमान बढ़ने लगा है। बुधवार को जिला मुख्यालय पर अधिकतम तापमान 23 डिग्री और न्यूनतम 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि बर्फबारी वाले क्षेत्रों में अधिकतम 7 और न्यूनतम माइनस 3 डिग्री सेल्सियस रहा। बारिश से जिले के विभिन्न हिस्सों में जंगलों में लगी आग बुझ गई है, जिससे वातावरण में छाई धुंध भी खत्म हो गई है।
बारिश से छंटी धुंध, वन विभाग ने राहत की सांस
नई टिहरी/पौड़ी। टिहरी जिले में बुधवार तड़के कुछ देर के लिए हुई झमाझम बारिश से जंगलों में लगी आग बुझ गई है। पिछले कई दिनों से भिलंगना, पौखाल, सकलाना और कंडीसौड़ रेंज के जंगल आग से धधक रहे थे। बुधवार सुबह 5.30 बजे के लगभग जिले में कुछ देर के लिए झमाझम बारिश हुई। आग बुझने से धुंध छंट गई है। नई टिहरी में 5.8 एमएम बारिश रिकार्ड दर्ज की गई। बारिश के बाद तापमान में भी एक डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। बुधवार को नई टिहरी का अधिकतम तापमान 22 डिग्री और न्यूनतम 9 डिग्री दर्ज किया गया है। जबकि बीते दिन अधिकतम तापमान 23 डिग्री और न्यूनतम तापमान 9 डिग्री था। संवाद
उधर, पौड़ी में भी वन विभाग को बुधवार तड़के हुई बारिश से काफी राहत मिली है। बारिश से वन विभाग को राहत मिली है। वनाग्नि की घटनाएं भी नियंत्रित हुई हैं। बारिश से वातावरण में फैली धुंध भी कम हुई है। डीएफओ गढ़वाल केएस रावत ने बताया कि मौसम में आए बदलाव से विभाग को काफी राहत मिली है।
मॉकड्रिल से पहले ही हो गई बारिश
कर्णप्रयाग/थराली/जोशीमठ/गोपेश्वर। पिछले दिनों थराली, नारायणबगड़, देवाल, बमोथ, कर्णप्रयाग सहित आसपास के चीड़ के जंगलों में लगी आग से पूरे आसमान में धुंध छा गई थी। इससे लोगों की आंख में जलन हो रही थी और सांस के मरीजों को दिक्कतें उठानी पड़ रही थीं। बीरेंद्र, दिनेश, नीरज, गोपी डिमरी ने कहा कि मंगलवार रात और बुधवार को हुई बारिश से जंगलों की आग बुझ गई और गर्मी से भी राहत मिली है। रेंजर टीएस बिष्ट ने बताया कि बारिश से आग बुझ चुकी है। वहीं थराली में अग्नि सुरक्षा को लेकर मॉकड्रिल के लिए सभी विभागों के कर्मचारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता और अन्य सामाजिक संगठन एकजुट हुए। जैसे ही मॉकड्रिल शुरू हुआ तो बारिश हो गई, जिससे आग खुद ही बुझ गई। उधर, निचले इलाकों में बारिश होने से मौसम ठंडा हो गया है। वहीं जोशीमठ में कड़ाके की ठंड हो रही है। इसके अलावा गोपेश्वर, पीपलकोटी में बारिश भी जमकर बारिश होने से जंगलों में भड़की आग शांत हो गई है। संवाद
निचले इलाकों में सुहावना रहा दिनभर मौसम
रुद्रप्रयाग। बादलों की तेज गर्जना के साथ रुक-रुककर बारिश होने से जंगलों में लगी आग बुझ गई है। बुधवार सुबह करीब नौ बजे तक मौसम का मिजाज बिगड़ रहा। इस दौरान बादलों की गर्जना के साथ कुछ देर के लिए झमाझम बारिश हुई, जिससे आसपास सहित केदारघाटी, जखोली व जिले के अन्य क्षेत्रों के जंगलों में लगी आग बुझ गई। साथ ही वातावरण में छाई घनी धुंध भी छंट गई। पूरे दिनभर हवा चलने से मौसम में ठंडक के बीच धूप खिली रही। संवाद
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गंगोत्री के तीर्थ पुरोहित सतेंद्र सेमवाल ने बताया कि धाम में चंद घंटों के भीतर ही करीब आधा फीट बर्फ गिरी। यमुनोत्री धाम भी बर्फ से लकदक हो गया है। गंगोत्री वैली में मुखबा एवं आसपास के क्षेत्र में बर्फ की सफेद चादर बिछ गई। उधर, केदारनाथ में बर्फबारी के बाद दिनभर सूरज और बादलों के बीच आंखमिचौली होती रही। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिशासी अभियंता प्रवीन कर्णवाल ने बताया कि बीते दो दिन से केदारनाथ में मौसम खराब है। बुधवार सुबह भी लगभग एक घंटे तक बर्फ गिरती रही। वहीं, वुड स्टोन कंस्ट्रक्शन कंपनी के मनोज सेमवाल ने बताया कि हल्की बर्फबारी से कार्यों में ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ा है। बर्फ गिरते ही पिघल रही है, जिससे दिक्कत नहीं हो रही है। वहीं बदरीनाथ में भी जमकर बर्फबारी हुई। धाम में करीब तीन इंच ताजी बर्फ जमी है। इसके अलावा हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी, नीती घाटी सहित अन्य ऊंची चोटियों पर भी हिमपात हुआ। संवाद
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उत्तरकाशी। मंगलवार रात को जिले के घाटी वाले क्षेत्रों में झमाझम बारिश से जंगलों की आग बुझने पर वन विभाग ने राहत की सांस ली है। मंगलवार शाम को जिले में तेज हवाएं चलीं, जबकि देर रात को जिला मुख्यालय समेत निचली घाटियों में झमाझम बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हुई।
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बारिश एवं बर्फबारी से तापमान में गिरावट आने से लोगों को तपती गर्मी से कुछ राहत तो मिली, लेकिन बुधवार सुबह फिर चटक धूप खिलने से तापमान बढ़ने लगा है। बुधवार को जिला मुख्यालय पर अधिकतम तापमान 23 डिग्री और न्यूनतम 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि बर्फबारी वाले क्षेत्रों में अधिकतम 7 और न्यूनतम माइनस 3 डिग्री सेल्सियस रहा। बारिश से जिले के विभिन्न हिस्सों में जंगलों में लगी आग बुझ गई है, जिससे वातावरण में छाई धुंध भी खत्म हो गई है।
बारिश से छंटी धुंध, वन विभाग ने राहत की सांस
नई टिहरी/पौड़ी। टिहरी जिले में बुधवार तड़के कुछ देर के लिए हुई झमाझम बारिश से जंगलों में लगी आग बुझ गई है। पिछले कई दिनों से भिलंगना, पौखाल, सकलाना और कंडीसौड़ रेंज के जंगल आग से धधक रहे थे। बुधवार सुबह 5.30 बजे के लगभग जिले में कुछ देर के लिए झमाझम बारिश हुई। आग बुझने से धुंध छंट गई है। नई टिहरी में 5.8 एमएम बारिश रिकार्ड दर्ज की गई। बारिश के बाद तापमान में भी एक डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। बुधवार को नई टिहरी का अधिकतम तापमान 22 डिग्री और न्यूनतम 9 डिग्री दर्ज किया गया है। जबकि बीते दिन अधिकतम तापमान 23 डिग्री और न्यूनतम तापमान 9 डिग्री था। संवाद
उधर, पौड़ी में भी वन विभाग को बुधवार तड़के हुई बारिश से काफी राहत मिली है। बारिश से वन विभाग को राहत मिली है। वनाग्नि की घटनाएं भी नियंत्रित हुई हैं। बारिश से वातावरण में फैली धुंध भी कम हुई है। डीएफओ गढ़वाल केएस रावत ने बताया कि मौसम में आए बदलाव से विभाग को काफी राहत मिली है।
मॉकड्रिल से पहले ही हो गई बारिश
कर्णप्रयाग/थराली/जोशीमठ/गोपेश्वर। पिछले दिनों थराली, नारायणबगड़, देवाल, बमोथ, कर्णप्रयाग सहित आसपास के चीड़ के जंगलों में लगी आग से पूरे आसमान में धुंध छा गई थी। इससे लोगों की आंख में जलन हो रही थी और सांस के मरीजों को दिक्कतें उठानी पड़ रही थीं। बीरेंद्र, दिनेश, नीरज, गोपी डिमरी ने कहा कि मंगलवार रात और बुधवार को हुई बारिश से जंगलों की आग बुझ गई और गर्मी से भी राहत मिली है। रेंजर टीएस बिष्ट ने बताया कि बारिश से आग बुझ चुकी है। वहीं थराली में अग्नि सुरक्षा को लेकर मॉकड्रिल के लिए सभी विभागों के कर्मचारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता और अन्य सामाजिक संगठन एकजुट हुए। जैसे ही मॉकड्रिल शुरू हुआ तो बारिश हो गई, जिससे आग खुद ही बुझ गई। उधर, निचले इलाकों में बारिश होने से मौसम ठंडा हो गया है। वहीं जोशीमठ में कड़ाके की ठंड हो रही है। इसके अलावा गोपेश्वर, पीपलकोटी में बारिश भी जमकर बारिश होने से जंगलों में भड़की आग शांत हो गई है। संवाद
निचले इलाकों में सुहावना रहा दिनभर मौसम
रुद्रप्रयाग। बादलों की तेज गर्जना के साथ रुक-रुककर बारिश होने से जंगलों में लगी आग बुझ गई है। बुधवार सुबह करीब नौ बजे तक मौसम का मिजाज बिगड़ रहा। इस दौरान बादलों की गर्जना के साथ कुछ देर के लिए झमाझम बारिश हुई, जिससे आसपास सहित केदारघाटी, जखोली व जिले के अन्य क्षेत्रों के जंगलों में लगी आग बुझ गई। साथ ही वातावरण में छाई घनी धुंध भी छंट गई। पूरे दिनभर हवा चलने से मौसम में ठंडक के बीच धूप खिली रही। संवाद