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विधायक के समक्ष की सरकार के खिलाफ नारेबाजी

Sat, 14 Dec 2019 10:30 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 14 Dec 2019 10:30 PM IST
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Slogans against the government before the MLA
देवस्थानम प्रबंधन विधेयक के विरोध में गंगोत्री के तीर्थ पुरोहितों का धरना आंदोलन आठवें दिन भी जारी रहा। धरना स्थल के निकट एक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे गंगोत्री विधायक के समक्ष तीर्थ पुरोहितों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
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चार धाम समेत 51 मंदिरों की प्रबंध व्यवस्था देवस्थानम प्रबंधन विधेयक के तहत लाने के सरकार के निर्णय का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। गंगोत्री के तीर्थ पुरोहित बीते सात दिसंबर से कलक्ट्रेट परिसर में धरने पर डटे हुए हैं। शनिवार को उनका धरना आठवें दिन भी जारी रहा। इस दौरान गंगोत्री विधायक गोपाल रावत जब एक कार्यक्रम में शिरकत करने कलक्ट्रेट पहुंचे, तो तीर्थ पुरोहितों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। तीर्थ पुरोहितों ने कहा कि इस विधेयक की आड़ में सरकार हिंदू आस्था के केंद्रों के अधिग्रहण की साजिश कर रही है, जिस कतई सफल नहीं होने दिया जाएगा।
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शनिवार को चारधाम विकास परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष सूरतराम नौटियाल, भटवाड़ी के पूर्व ब्लाक प्रमुख चंदन पंवार, सुभाष नौटियाल, हंसराज चौहान, दिनेश भटवान, पवन डिमरी, धर्मेंद्र रमोला, गोविंद गुसाईं आदि ने धरना स्थल पर पहुंचकर तीर्थ पुरोहितों के आंदोलन को समर्थन दिया। श्री पांच मंदिर समिति के सहसचिव राजेश सेमवाल ने बताया कि आगामी 18 दिसंबर को उत्तरकाशी जिला मुख्यालय पर चारों धामों के तीर्थ पुरोहित एकत्र होकर महारैली करेंगे। इससे पूर्व रविवार को सरकार की शवयात्रा निकालकर विरोध जताएंगे।
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प्रधानमंत्री, गृहमंत्री व संघ प्रमुख को भेजा खून से लिखा पत्र
देवप्रयाग। बदरीनाथ धाम के तीर्थ पुरोहित समाज व हक हकूकधारियों ने उत्तराखंड सरकार के चार धाम देवस्थानम अधिनियम को तत्काल वापस लिए जाने की मांग की है। कहा कि सरकार की ओर से काला कानून बनाकर तीर्थ पुरोहितों व हक हकूकधारियों के साथ अन्याय किया जा रहा है। इस मौके पर समाज के लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह व संघ प्रमुख मोहन भागवत को खून से लिखा मांगपत्र भेजा है।

शनिवार को धरने के दसवें दिन देवस्थानम अधिनियम को काला कानून बताते तीर्थ पुरोहितों व हक हकूकधारियों ने प्रधानमंत्री, गृहमंत्री व संघ प्रमुख को खून से लिखे पत्र भेजे। पत्र में उत्तराखंड की त्रिवेंद्र सरकार द्वारा यहां के मठ मंदिरों की सनातनी व्यवस्थाओं को ध्वस्त करने का कड़ा विरोध किया गया। तीर्थ पुरोहितों व हक हकूकधारियों ने प्रधानमंत्री मोदी से चारधाम देवस्थानम जैसे काले कानून को तत्काल वापस लिए जाने के लिए त्रिवेंद्र सरकार को निर्देश जारी करने की मांग की। नगर संघ व्यवस्थापक व तीर्थ पुरोहित सुधीर ध्यानी ने संघ प्रमुख भागवत को भी इस संबंध में खून से लिखा मांग पत्र भेजा। देवभूमि तीर्थ पुरोहित हक हकूकधारी महापंचायत के अध्यक्ष कृष्णकांत कोटियाल, अशोक जोशी आदि ने पत्र के लिए अपना खून निकलवाया। इस मौके पर सुनील पालीवाल, अजय तिवारी, मुन्ना डंगवाल, विकास, राहुल कोटियाल, विनोद बडोला, आशीष कोटियाल आदि मौजूद थे।
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