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उत्तराखंड से जुड़े मुद्दों पर हुई गोष्ठी
ब्यूरो/अमर उजाला उत्तरकाशी
Updated Sun, 24 Apr 2016 10:23 PM IST
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गोष्ठी
- फोटो : amarujala
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लोक रंग की ओर से रविवार को आयोजित उमेश डोभाल स्मृति सम्मान समारोह में जन स्वास्थ्य और उत्तराखंड, कैसे बचेगी लोक भाषा, पर्यावरण और पत्रकारिता विषय पर विशेषज्ञों ने व्याख्यान दिया।
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गोष्ठी में चिकित्सक एवं समाज विज्ञानी डा. एके अरुण ने कहा कि उत्तराखंड के पारंपरिक भोजन में कुपोषण की नौबत नहीं आती थी। मिनरल्स विटामिन की कमी का हौव्वा खड़ा कर पूंजीपति अपना प्रोडक्ट घर-घर पहुंचा रहे हैं, जबकि यहां स्थानीय फल-फूल, पारंपरिक दाल, अनाज तथा शाक भाजी में भरपूर मात्रा में विटामिन और मिनरल है।
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पर्यावरणविद् विनोद चंद पांडे ने कहा कि उत्तराखंड में जहां पहले मिश्रित वन होते थे, वहां अब चीड़ के जंगल लगाए गए हैं। कैसे बचेगी लोक भाषा विषय पर खजान सिंह चौहान ने कहा कि लोक भाषा और संस्कृति को जिया जाएगा, तभी वह स्वाभाविक रूप में बची रहेगी।
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इससे पूर्व उमेश डोभाल स्मृति ट्रस्ट के कार्यकारी अध्यक्ष बिमल नेगी ने ट्रस्ट के उद्देश्यों, आयोजक संस्था लोक रंग के ओम बधाणी व सुरेंद्र पुरी ने आयोजन तथा संस्था की गतिविधियों की जानकारी दी।
अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार सूरत सिंह रावत ने की। संचालन गणेश खुगशाल गणी ने किया। इस मौके पर चित्रकार बी मोहन नेगी के कविता पोस्टर, छाया चित्र, बाड़ाहाट के काष्ठ शिल्पी के उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई।
स्मारिका का हुआ विमोचन
उत्तरकाशी। उमेश डोभाल स्मृति समारोह में उमेश डोभाल की कविता, व्यथा और दिवगंत साहित्यकार एवं पत्रकार बीरेन डंगवाल पर विशेष सामग्री सहित समसामयिक विषयों को समाहित करते हुए स्मारिका का विमोचन किया गया। कार्यक्रम में विशेष सहयोग देने पर अजीम प्रेमजी फाउंडेशन, पालिका अध्यक्ष जयेंद्री राणा, गंगोत्री विधायक विजयपाल सजवाण, पूर्व विधायक गोपाल रावत आदि का आभार व्यक्त किया गया।