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एससी महिला ने ग्राम प्रधान पर लगाया मकान तोड़ने का आरोप
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ग्राम पंचायत टिपरा की अनुसूचित जाति की महिला ने ग्राम प्रधान पर दबंगई दिखाने और घर तोड़ने का आरोप लगाया है। महिला ने जिलाधिकारी को मामले की शिकायत दी है। वहीं ग्राम प्रधान ने महिला के आरोप को निराधार बताते हुए इसे कुछ लोगों की साजिश बताया है। डीसी का कहना है कि मामले की जांच एसडीएम डुंडा को सौंपी गई है।
ग्राम पंचायत टिपरा निवासी शांता देवी ने ग्राम प्रधान सीमा गौड़ पर उनका आवासीय भवन तोड़ने का आरोप लगाया है। शांता देवी ने बताया कि ग्राम प्रधान ने कुछ महिलाओं को बुलाकर उनके आवासीय भवन को बिना किसी नोटिस के तोड़ दिया। उन्होंने प्रधान पर उनके व उनकी सास के साथ धक्का-मुक्की व अभद्रता करने का आरोप भी लगाया है। उन्होंने कहा कि जिस मार्ग के चौड़ीकरण के नाम पर मकान तोड़ा गया है, उस मार्ग पर उनके मकान से कोई व्यवधान नहीं था। मार्ग पहले से ही चौड़ा है। उनपर पहले से ही दबाव बनाने के साथ ही किसी अन्य योजना का लाभ दिए जाने का झांसा दिया जा रहा था। जब वे नहीं माने तो प्रधान ने जबरन उनके घर की दीवारें तुड़वा दीं। उन्होंने कहा कि जल्द न्याय न मिलने पर वे घर पर ही बच्चों के साथ आमरण अनशन करेंगी। वहीं ग्राम प्रधान सीमा गौड़ ने शांता देवी के आरोपों को निराधार बताया है। प्रधान सीमा ने कहा कि आरोप बेबुनियाद हैं। कुछ लोग उनके खिलाफ साजिश कर रहे हैं। वहीं जिलाधिकारी मयूर दीक्षित का कहना है कि एसडीएम डुंडा को मामले की जांच सौंप दी गई है।
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ग्राम पंचायत टिपरा निवासी शांता देवी ने ग्राम प्रधान सीमा गौड़ पर उनका आवासीय भवन तोड़ने का आरोप लगाया है। शांता देवी ने बताया कि ग्राम प्रधान ने कुछ महिलाओं को बुलाकर उनके आवासीय भवन को बिना किसी नोटिस के तोड़ दिया। उन्होंने प्रधान पर उनके व उनकी सास के साथ धक्का-मुक्की व अभद्रता करने का आरोप भी लगाया है। उन्होंने कहा कि जिस मार्ग के चौड़ीकरण के नाम पर मकान तोड़ा गया है, उस मार्ग पर उनके मकान से कोई व्यवधान नहीं था। मार्ग पहले से ही चौड़ा है। उनपर पहले से ही दबाव बनाने के साथ ही किसी अन्य योजना का लाभ दिए जाने का झांसा दिया जा रहा था। जब वे नहीं माने तो प्रधान ने जबरन उनके घर की दीवारें तुड़वा दीं। उन्होंने कहा कि जल्द न्याय न मिलने पर वे घर पर ही बच्चों के साथ आमरण अनशन करेंगी। वहीं ग्राम प्रधान सीमा गौड़ ने शांता देवी के आरोपों को निराधार बताया है। प्रधान सीमा ने कहा कि आरोप बेबुनियाद हैं। कुछ लोग उनके खिलाफ साजिश कर रहे हैं। वहीं जिलाधिकारी मयूर दीक्षित का कहना है कि एसडीएम डुंडा को मामले की जांच सौंप दी गई है।
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