{"_id":"57a218194f1c1b512f2b93fe","slug":"redux-features-in-isolated-villages","type":"story","status":"publish","title_hn":"अलग-थलग गांवों में सुविधाओं का टोटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अलग-थलग गांवों में सुविधाओं का टोटा
ब्यूरो/अमर उजाला उत्तरकाशी
Updated Wed, 03 Aug 2016 09:43 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ठकराल एवं सरबडियार पट्टी के अलग-थलग पड़े 13 गांवों के लोगों ने मूलभूत सुविधाएं बहाल कराने और सरनौल गांव का भूसर्वेक्षण कराने की मांग की है। प्रभावितों ने एसडीएम से मुलाकात कर समस्याएं हल नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
विज्ञापन
एसडीएम से मिलने पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि बीते 26 और 31 जुलाई को क्षेत्र में अतिवृष्टि से भारी नुकसान हुआ है। ठकराल एवं सरबडियार पट्टी के 13 गांवों को जोड़ने वाली राजगढ़ी-सरनौल सड़क का तीन सौ मीटर हिस्सा बहने के साथ ही गांवों के पैदल संपर्क मार्ग भी तबाह हो गए हैं।
विज्ञापन
क्षेत्र में पेयजल, विद्युत एवं दूरसंचार सेवा ठप हो गई है। सरनौल गांव के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। ग्रामीणों ने बताया कि सरनौल गांव में खतरे की जद में आए 11 भवनों में रह रहे 21 परिवारों को घर छोड़ने का नोटिस थमा कर इंटर कालेज में रहने की हिदायत दी गई है, लेकिन अभी तक पीड़ित परिवारों के लिए टेंट, तिरपाल, कंबल आदि की व्यवस्था नहीं की गई है।
विज्ञापन
एसडीएम राजकुमार पांडेय ने संबंधित अधिकारियों को क्षेत्र में शीघ्र व्यवस्थाएं बहाल करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रधानों से आपदा में क्षतिग्रस्त पैदल रास्तों को मनरेगा के तहत दुरुस्त कराने को कहा। प्रतिनिधिमंडल में आनंद राणा, जगवीर भंडारी, अवतार सिंह, कपूरचंद, किशन सिंह, जयेंद्र सिंह, नत्थी सिंह आदि शामिल थे।
परियोजना में विद्युत उत्पादन ठप
बडियारगाड पर बनी जल विद्युत परियोजना भी आपदा के चलते ठप पड़ गई है। बडियारगाड में आए उफान में परियोजना के कई बिजली के खंभे और पावर हाउस तक जाने वाली सड़क का करीब चार सौ मीटर हिस्सा बह गया है। परियोजना के महाप्रबंधक नीरज भट्ट ने बताया कि बीते 26 और 31 जुलाई को क्षेत्र में हुई अतिवृष्टि से परियोजना को खासा नुकसान पहुंचा है।