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राजगढ़ी-सरनौल सड़क का तीन सौ मीटर हिस्सा बहा
ब्यूरो/अमर उजाला उत्तरकाशी
Updated Tue, 02 Aug 2016 08:50 PM IST
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सोमवार को क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। बडियारगाड़ और यमुना नदी में आए उफान से थातूरका के पास राजगढ़ी-सरनौल मोटर मार्ग का करीब तीन सौ मीटर हिस्सा बहने के साथ ही पैदल रास्ते भी क्षतिग्रस्त हो गए। बडियारगाड में उफान से सरनौल गांव पर भी खतरा मंडराने लगा है।
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क्षेत्र में अतिवृष्टि के चलते गाड गदेरे उफान पर हैं। सोमवार को बडियारगाड़ में उफान से थातूरका के पास राजगढ़ी-सरनौल मोटर मार्ग का करीब तीन सौ मीटर हिस्सा ढह गया। इससे ठकराल पट्टी के पांच और सरबडियार क्षेत्र के आठ गांवों का तहसील एवं जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है।
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अतिवृष्टि से इन गांवों के संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त होने से पैदल आवाजाही भी खासी जोखिम भरी हो गई है। यमुना नदी के उफान से तिलाड़ी में सैकड़ों नाली जमीन यमुना में समा गई। बड़कोट पालिका के वार्ड नंबर सात में रामभरोसे बेलवाल के आवासीय भवन की दीवार क्षतिग्रस्त हो गई।
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ठकराल क्षेत्र के आनंद सिंह राणा, सरदार सिंह चौहान आदि ने प्रशासन से शीघ्र क्षेत्र में अतिवृष्टि से हुए नुकसान का जायजा लेकर प्रभावितों को राहत सहायता मुहैया कराने की मांग की है। मंगलवार को तहसीलदार मुकेश रमोला ने आपदा ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा कर क्षति की रिपोर्ट तैयार की।
अतिवृष्टि से बिजली की लाइन क्षतिग्रस्त होने से यमुना घाटी की विद्युत आपूर्ति रविवार रात से ठप पड़ी है। बिजली नहीं होने से बीएसएनएल की दूरसंचार सेवाएं भी ठप पड़ गई हैं। खरादी-नगाणगांव मोटर पुल की एप्रोच बहने के बाद यमुना नदी के बीच खड़े पुल पर भी खतरा मंडरा रहा है।