राज्य आंदोलनकारी घोषित कर पेंशन की मांग कर रहे बाजगी समुदाय ने ढोल दमाऊं और रणसिंघा के साथ कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। बाजगी शहर के मुख्य मार्गों से जुलूूस की शक्ल में कलक्ट्रेट पहुंचे। वहां जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। मांगों पर कार्रवाई न होने पर प्रदर्शन की चेतावनी भी दी।
मंगलवार को बाजगी समुदाय के लोगों ने ढोल दमाऊं व रणसिंघा के साथ जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि प्रथम पंक्ति में उन्होंने अपने ढोल-दमाऊं व रणसिंघा आदि वाद्य यंत्रों के साथ आंदोलन में प्रतिभाग किया था। सभी ने उनके योगदान को भुला दिया है। बाजगी जयप्रकाश ने कहा कि सरकार ने आंदोलनकारियों को लिए जो नियम बनाए हैं उनके तहत जेल या पुलिस अभिरक्षा के प्रमाण आवश्यक हैं। बाजगी समुदाय की सेवाओं को देखते हुए आंदोलनकारियों ने उन्हें जेल जाने से रोक दिया था। आंदोलनकारियों का कहना था कि यदि बाजगी जेल चले जाएंगे तो आंदोलन का जोश धीमा पड़ जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उनकी मांग पर कार्रवाई नहीं की गई तो प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में लक्ष्मण सिंह भंडारी, दिनेश भटवान, मनोज मीनान, हरीश भटवान, खेमराज, चंद्रमोहन, हरीश लाल, सुरेश दास, देवदास, कस्तूरी लाल, रमेश दास, सावन कुमार, रामनारायण आदि शामिल थे।