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Uttarkashi News: जंगलों के लिए खतरा बने पिरूल को किया एकत्र
Sat, 23 May 2026 05:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Sat, 23 May 2026 05:20 PM IST
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नौगांव (उत्तरकाशी)। वनाग्नि की घटनाओं पर रोक लगाने और जंगलों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से वन विभाग की ओर से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अपर यमुना वन प्रभाग की सौली बीट में विभागीय कर्मचारियों और स्थानीय महिलाओं ने मिलकर जंगलों के लिए खतरा बने पिरूल को एकत्र किया। अभियान के दौरान सौली कस्बे से लगे जंगल क्षेत्रों में सड़क किनारे जमा पिरूल को हटाया गया।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जंगलों से होकर गुजरने वाली सड़कों पर गिरे पिरूल वनाग्नि का मुख्य कारण बनते जा रहे हैं। राहगीर अक्सर अनजाने में जलती बीड़ी, सिगरेट या माचिस की तीली सड़क पर फेंक देते हैं जिससे सूखा पिरूल तुरंत आग पकड़ लेता है और देखते ही देखते आग जंगलों तक फैल जाती है। इससे वन संपदा, वन्यजीवों और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचता है।
अधिकारियों ने कहा कि विभाग लगातार जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों से वनाग्नि रोकने में सहयोग मांगने के साथ जागरूक करने का काम कर रहा है। अभियान में वन क्षेत्राधिकारी विवेक चौहान, वन दरोगा स्वरूप चन्द रमोला, दिनेश रावत, जय कृष्ण गौड़, स्थानीय महिलाएं सुलोचना, सरस्वती, सरिता आदि अन्य लोग मौजूद रहे।
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वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जंगलों से होकर गुजरने वाली सड़कों पर गिरे पिरूल वनाग्नि का मुख्य कारण बनते जा रहे हैं। राहगीर अक्सर अनजाने में जलती बीड़ी, सिगरेट या माचिस की तीली सड़क पर फेंक देते हैं जिससे सूखा पिरूल तुरंत आग पकड़ लेता है और देखते ही देखते आग जंगलों तक फैल जाती है। इससे वन संपदा, वन्यजीवों और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचता है।
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अधिकारियों ने कहा कि विभाग लगातार जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों से वनाग्नि रोकने में सहयोग मांगने के साथ जागरूक करने का काम कर रहा है। अभियान में वन क्षेत्राधिकारी विवेक चौहान, वन दरोगा स्वरूप चन्द रमोला, दिनेश रावत, जय कृष्ण गौड़, स्थानीय महिलाएं सुलोचना, सरस्वती, सरिता आदि अन्य लोग मौजूद रहे।
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