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कोषागार गबन के आरोपियों को रिमांड पर लेने की मिली अनुमति
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कोषागार गबन मामले के दो आरोपियों को रिमांड पर लिए जाने की अनुमति पुलिस को मिल गई है। दोनों आरोपी अभी न्यायिक हिरासत में टिहरी जेल में हैं। वहीं पुलिस ने गबन मामले में एक गवाह के बयान भी दर्ज कर लिए हैं। मामले की जांच एसटीएफ कर रही है।
कोषागार गबन मामले में पुलिस कोषागार के दो आरोपी कर्मियों को पूर्व में गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस गबन के आरोपी महावीर सिंह व धर्मेंद्र शाह को शुक्रवार से रिमांड पर लेगी। बीते 7 जनवरी को सहायक कोषाधिकारी बृजेंद्र लाल शाह ने कोतवाली में कोषागार के तीन कर्मचारियों के खिलाफ 42 लाख से अधिक के गबन के आरोप में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत पर पुलिस ने कोषागार कर्मी महावीर सिंह, धर्मेंद्र शाह व महिला पीआरडी कर्मी आरती के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया था। मामले की जांच एसएसआई प्रकाश राणा को सौंपी गई थी। बाद में मामले की जांच के लिए कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक राजीव रौथाण के नेतृत्व में एसआईटी गठित की थी। कोषागार कर्मियों ने 12 मृत पेंशनरों को जीवित दिखाकर कर करीब 42 लाख का गबन किया किया था। कोतवाल राजीव रौथाण ने बताया कि आरोपियों को रिमांड पर लेने की अनुमति मिल गई है। एसआईटी मामले के हर पहलू पर गहनता से जांच कर रही है।
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कोषागार गबन मामले में पुलिस कोषागार के दो आरोपी कर्मियों को पूर्व में गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस गबन के आरोपी महावीर सिंह व धर्मेंद्र शाह को शुक्रवार से रिमांड पर लेगी। बीते 7 जनवरी को सहायक कोषाधिकारी बृजेंद्र लाल शाह ने कोतवाली में कोषागार के तीन कर्मचारियों के खिलाफ 42 लाख से अधिक के गबन के आरोप में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत पर पुलिस ने कोषागार कर्मी महावीर सिंह, धर्मेंद्र शाह व महिला पीआरडी कर्मी आरती के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया था। मामले की जांच एसएसआई प्रकाश राणा को सौंपी गई थी। बाद में मामले की जांच के लिए कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक राजीव रौथाण के नेतृत्व में एसआईटी गठित की थी। कोषागार कर्मियों ने 12 मृत पेंशनरों को जीवित दिखाकर कर करीब 42 लाख का गबन किया किया था। कोतवाल राजीव रौथाण ने बताया कि आरोपियों को रिमांड पर लेने की अनुमति मिल गई है। एसआईटी मामले के हर पहलू पर गहनता से जांच कर रही है।
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