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Uttarkashi News: मोरी-पुरोला के गांवों के लोग जंगली सुअरों से लोग परेशान
Sat, 11 Oct 2025 05:30 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Sat, 11 Oct 2025 05:30 PM IST
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ग्रामीणों की खड़ी फसलों को पहुंचा रहे हैं नुकसान
पुरोला। मोरी और पुरोला के कई गांवों में जंगली सुअरों की दहशत बनी है। जंगली सुअर ग्रामीणों की खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं जिससे किसानों की सालभर की मेहनत पर पानी फिर गया है। ग्रामीणों ने वन विभाग से जंगली सुअरों से निजात दिलाने की मांग की।
गडुगाड़ पट्टी के देवजानी, खेड़मी, डांडा क्यारी, रमाल, बिंगसारी और कमल सिराईं क्षेत्र के नेत्री, चंदेली, करड़ा गांव के सल्ला, चालनी, ढलोड़ी आदि गांवों में सुअरों के झुंड खेतों में घुसकर धान, चोलाई, राजमा और आलू जैसी प्रमुख फसलों को रौंद कर बरबाद कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि फसलों पर ही उनकी सालभर की आर्थिकी निर्भर रहती है लेकिन लगातार नुकसान से उनकी आर्थिक स्थिति डांवाडोल हो गई है।
खेड़मी के पूर्व प्रधान सुरेंद्र देवजानी, केंद्र सिंह, राजेंद्र रावत, रामप्रसाद, गब्बर सिंह ने बताया कि क्षेत्र में लगातार जंगली सुअर बढ़ रहे हैं जिससे वे उनकी नकदी फसल को बरबाद कर रहे हैं। इस संबंध में वन विभाग को कई बार लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया गया है लेकिन वन विभाग कार्रवाई करने को तैयार नहीं है।
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उन्होंने प्रशासन से नुकसान का आंकलन करने और मुआवजा देने की मांग की है। यदि जल्द ही वन विभाग की ओर से प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो किसानों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। ग्रामीणों ने प्रशासन व वन विभाग से गांवों में जंगली सुअरों से बचाव के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने, रात्रिकालीन गश्त बढ़ाने और आवश्यक मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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पुरोला। मोरी और पुरोला के कई गांवों में जंगली सुअरों की दहशत बनी है। जंगली सुअर ग्रामीणों की खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं जिससे किसानों की सालभर की मेहनत पर पानी फिर गया है। ग्रामीणों ने वन विभाग से जंगली सुअरों से निजात दिलाने की मांग की।
गडुगाड़ पट्टी के देवजानी, खेड़मी, डांडा क्यारी, रमाल, बिंगसारी और कमल सिराईं क्षेत्र के नेत्री, चंदेली, करड़ा गांव के सल्ला, चालनी, ढलोड़ी आदि गांवों में सुअरों के झुंड खेतों में घुसकर धान, चोलाई, राजमा और आलू जैसी प्रमुख फसलों को रौंद कर बरबाद कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि फसलों पर ही उनकी सालभर की आर्थिकी निर्भर रहती है लेकिन लगातार नुकसान से उनकी आर्थिक स्थिति डांवाडोल हो गई है।
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खेड़मी के पूर्व प्रधान सुरेंद्र देवजानी, केंद्र सिंह, राजेंद्र रावत, रामप्रसाद, गब्बर सिंह ने बताया कि क्षेत्र में लगातार जंगली सुअर बढ़ रहे हैं जिससे वे उनकी नकदी फसल को बरबाद कर रहे हैं। इस संबंध में वन विभाग को कई बार लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया गया है लेकिन वन विभाग कार्रवाई करने को तैयार नहीं है।
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उन्होंने प्रशासन से नुकसान का आंकलन करने और मुआवजा देने की मांग की है। यदि जल्द ही वन विभाग की ओर से प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो किसानों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। ग्रामीणों ने प्रशासन व वन विभाग से गांवों में जंगली सुअरों से बचाव के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने, रात्रिकालीन गश्त बढ़ाने और आवश्यक मुआवजा दिलाने की मांग की है।