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तूफान पीड़ितों को राहत सहायता देने की मांग
ब्यूरो/अमर उजाला, उत्तरकाशी
Updated Tue, 24 May 2016 09:22 PM IST
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सोमवार को जिले में आए तूफान से हुए नुकसान के पीड़ितों ने प्रशासन से समुचित राहत सहायता की मांग की है। हालांकि, पेड़ गिरने से बाधित हुई सड़कों पर यातायात बहाल कर लिया गया है। बीते दो दिनों तक बीएसएनएल की दूरसंचार सेवाएं ठप रहने के कारण जिले में तूफान से हुई क्षति की पूरी सूचनाएं मुख्यालय तक नहीं पहुंच पायी हैं।
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अगोड़ा निवासी शिवराम पंवार ने बताया कि गांव के सतगढ़ी तोक में आंधी से गिरे पेड़ों की चपेट में आने से अगोड़ा के रामचंद्र, प्रथम सिंह, ढासड़ा के शूरवीर सिंह, देवेंद्र, विजयपाल, नौगांव के वीरेंद्र, सेकू के भीम सिंह आदि की तीन दर्जन से ज्यादा भेड़-बकरियों की मौत हो गई।
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कवां एट हाली में बलदेव सिंह और रुकम सिंह के मकान की छत क्षतिग्रस्त हुई। कुमाल्टी, जखोल व लाटा में किसानों द्वारा खेतों में लगाए गए 25 से ज्यादा पॉलीहाउस नष्ट हुए। लाटा में त्रेपन सिंह और बौंगा गांव के पास राजपाल पंवार के पॉलीहाउस सहित खेतों में लगाई सब्जी की फसल तबाह हो गई।
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साल्ड के प्रधान राजेश राणा ने बताया कि गांव में 31 परिवारों की गोशाला और घरों की छतें उड़ गईं। इसी क्षेत्र के निसमोर गांव की क्षेत्र पंचायत सदस्य भारती चौहान ने बताया कि तूफान से गांव में सात लोग चोटिल हुए, एक गाय और एक खच्चर घायल हुए व दस घरों की छतें उड़ गईं।
क्षति की सूचनाएं लेकर मुख्यालय पहुंच रहे ग्रामीणों ने प्रशासन से क्षतिपूर्ति की मांग की है। पेड़ गिरने से अवरुद्ध हुई सड़कों पर यातायात बहाली के प्रयास सोमवार को ही शुरू हो गए थे। मंगलवार शाम तक सभी सड़कों पर यातायात बहाल कर लिया गया है।
एक दर्जन से ज्यादा छतें उड़ीं
मुख्य शिक्षा अधिकारी लीलाधर व्यास ने बताया कि तूफान से जिले में एक दर्जन से ज्यादा स्कूलों की छतें उड़ने की सूचना है। सभी ब्लाकों से पूरी सूचनाएं बुधवार तक मिल जाएंगी। जल्द ही स्कूलों में गर्मियों की छुट्टियां पड़ने वाली हैं। इस दौरान क्षतिग्रस्त स्कूलों को दुरुस्त कराया जाएगा।
तूफान में धराशायी हुए हजारों पेड़
डीएफओ गिरीश रस्तोगी ने बताया कि तूफान में धराशायी हुए पेड़ों की संख्या हजारों में है। इसमें अधिकांश चीड़ के पेड़ हैं। संबंधित वन अधिकारियों को इसका आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद गिरे पड़े पेड़ों का छपान कर वन निगम से इनका निस्तारण कराया जाएगा। वास्तविक क्षति का पता विस्तृत आकलन करने के बाद ही पता चल पाएगा।
तूफान से अवरुद्ध हुई सड़कों पर यातायात बहाल कर लिया गया है। ऊर्जा निगम को शीघ्र विद्युत आपूर्ति सुचारू करने के निर्देश दिए गए हैं। बीएसएनल की सेवाएं ठप होने से सूचनाएं मिलने में देरी हुई। बीएसएनएल को दूरसंचार सेवाएं चाक चौबंद रखने के लिए कहा गया है। सभी एसडीएम से तूफान से हुई क्षति की रिपोर्ट मांगी गई है।