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बेमौसम बारिश से मटर की फसल
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बेमौसमी बारिश के कारण मटर की फसल पर संकट मंडरा रहा है। मटर की पौध पर फ्लावरिंग के समय में भारी बारिश के कारण फसल को नुकसान पहुंच रहा है। बारिश का सिलसिला जारी रहा, तो यह क्षेत्र के काश्तकारों के लिए नुकसानदायक साबित होगा।
पुरोला ब्लाक के रामा सिरांई व कमल सिरांई में प्रतिवर्ष लाखों के मटर का उत्पादन किया जाता है, लेकिन इन दिनों फरवरी अंत में बारिश के कारण मटर की फसल सड़कर बर्बाद होने की कगार पर है। क्षेत्र के खलाड़ी, नेत्री, चंदेली, स्वील, ठढुंग, पुरोला गांव, सौंदाणी, हुडोली, कुमारकोट, सुनाली, धेवरा, डैरिका, सुकड़ाला, देवढुंग, भद्राली, खड़क्यासेम, मठ, कंताड़ी, पाणीगांव, बिणाई, छिबाला आदि गांव में मटर का व्यापक उत्पादन किया जाता है, लेकिन बारिश होने से काश्तकारों को चिंता सताने लगी है। ये समय मटर की पौध पर फ्लावरिंग का होता है। ऐसे में बारिश का होना ठीक नहीं माना जा रहा है। गत रात्रि भारी बारिश से मटर की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है।
कमल घाटी ग्राम स्वायत्त सहकारिता के अध्यक्ष विजेंद्र सिंह राणा, भरत रावत, सोवेंद्र सिंह का कहना है कि क्षेत्र के किसानों ने लाखों का बीज आढ़तियों से उधार खरीदा है। बेमौसमी मूसलाधार बारिश से किसानों का मेहनताना तो दूर आढ़तियों के बीज का रुपये निकालना भी मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले पाले की मार से पौध पीली पड़ गई थी, लेकिन अब भारी बारिश से मटर की पौध सड़ने की चिंता किसानों सता रही है। क्षेत्र के अधिकांश काश्तकार तो कृषि ऋण लेकर ही खेती करते हैं, जिनके ऊपर फिर बैंक का कर्ज बढ़ता जा रहा है। किसानों का कहना है कि यदि मौसम व बारिश दो-तीन दिन ऐसे ही होती रही, तो सिंचाई रहित उखड़ खेतों के मटर भी खराब हो जाएंगे।
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पुरोला ब्लाक के रामा सिरांई व कमल सिरांई में प्रतिवर्ष लाखों के मटर का उत्पादन किया जाता है, लेकिन इन दिनों फरवरी अंत में बारिश के कारण मटर की फसल सड़कर बर्बाद होने की कगार पर है। क्षेत्र के खलाड़ी, नेत्री, चंदेली, स्वील, ठढुंग, पुरोला गांव, सौंदाणी, हुडोली, कुमारकोट, सुनाली, धेवरा, डैरिका, सुकड़ाला, देवढुंग, भद्राली, खड़क्यासेम, मठ, कंताड़ी, पाणीगांव, बिणाई, छिबाला आदि गांव में मटर का व्यापक उत्पादन किया जाता है, लेकिन बारिश होने से काश्तकारों को चिंता सताने लगी है। ये समय मटर की पौध पर फ्लावरिंग का होता है। ऐसे में बारिश का होना ठीक नहीं माना जा रहा है। गत रात्रि भारी बारिश से मटर की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है।
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कमल घाटी ग्राम स्वायत्त सहकारिता के अध्यक्ष विजेंद्र सिंह राणा, भरत रावत, सोवेंद्र सिंह का कहना है कि क्षेत्र के किसानों ने लाखों का बीज आढ़तियों से उधार खरीदा है। बेमौसमी मूसलाधार बारिश से किसानों का मेहनताना तो दूर आढ़तियों के बीज का रुपये निकालना भी मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले पाले की मार से पौध पीली पड़ गई थी, लेकिन अब भारी बारिश से मटर की पौध सड़ने की चिंता किसानों सता रही है। क्षेत्र के अधिकांश काश्तकार तो कृषि ऋण लेकर ही खेती करते हैं, जिनके ऊपर फिर बैंक का कर्ज बढ़ता जा रहा है। किसानों का कहना है कि यदि मौसम व बारिश दो-तीन दिन ऐसे ही होती रही, तो सिंचाई रहित उखड़ खेतों के मटर भी खराब हो जाएंगे।
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