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Uttarkashi News: क्षमता से अधिक भार, सुरक्षा पर बड़ा सवालिया निशान
Sat, 30 May 2026 05:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Sat, 30 May 2026 05:49 PM IST
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जाम और भारी वाहन गुजरने से गंगोरी बैली ब्रिज पर मंडराया खतरा
70 टन भार क्षमता वाले पुल से गुजर रहे हैं दो-दो भारी वाहन
उत्तरकाशी। चारधाम यात्रा के बढ़ते दबाव के बीच गंगोत्री नेशनल हाईवे पर स्थित गंगोरी बैली ब्रिज पर सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। अस्सी गंगा नदी पर बना यह महत्वपूर्ण पुल इन दिनों क्षमता से अधिक भार और लगातार लग रहे जाम के कारण जोखिम में बताया जा रहा है। करीब 70 टन भार क्षमता वाले इस पुल से एक साथ दो-दो भारी वाहन गुजर रहे हैं।
वहीं पुल पर घंटों तक वाहनों की लंबी कतारें लगने से उस पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले भी भारी वाहनों की आवाजाही के चलते पुल को नुकसान पहुंच चुका है लेकिन इसके बावजूद निगरानी और यातायात नियंत्रण को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही। सबसे अहम बात यह है कि पुल के पास पुलिस चौकी मौजूद होने के बावजूद निगरानी की जिम्मेदारी होमगार्ड कर्मियों के भरोसे चल रही है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि ओवरलोड वाहनों की आवाजाही पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है। गंगोरी बैली ब्रिज गंगोत्री धाम, भारत-चीन सीमा क्षेत्र और भटवाड़ी ब्लॉक के करीब 80 गांवों के लिए बेहद महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। ऐसे में पुल को किसी प्रकार का नुकसान होने पर चारधाम यात्रा के साथ सीमांत क्षेत्रों की आवाजाही भी प्रभावित हो सकती है।
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स्थानीय निवासी प्रदीप, सुनील आदि का कहना है कि जाम और भारी वाहनों की आवाजाही से पुल की प्लेट्स आवाजें कर रही है जो खतरे का संकेत है। वहीं पुल के दोनों ओर खराब सड़क और उड़ती धूल से स्थानीय व्यापारियों और यात्रियों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पुल पर वाहनों के भार की निगरानी, ट्रैफिक नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल मजबूत किया जाए।
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70 टन भार क्षमता वाले पुल से गुजर रहे हैं दो-दो भारी वाहन
उत्तरकाशी। चारधाम यात्रा के बढ़ते दबाव के बीच गंगोत्री नेशनल हाईवे पर स्थित गंगोरी बैली ब्रिज पर सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। अस्सी गंगा नदी पर बना यह महत्वपूर्ण पुल इन दिनों क्षमता से अधिक भार और लगातार लग रहे जाम के कारण जोखिम में बताया जा रहा है। करीब 70 टन भार क्षमता वाले इस पुल से एक साथ दो-दो भारी वाहन गुजर रहे हैं।
वहीं पुल पर घंटों तक वाहनों की लंबी कतारें लगने से उस पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले भी भारी वाहनों की आवाजाही के चलते पुल को नुकसान पहुंच चुका है लेकिन इसके बावजूद निगरानी और यातायात नियंत्रण को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही। सबसे अहम बात यह है कि पुल के पास पुलिस चौकी मौजूद होने के बावजूद निगरानी की जिम्मेदारी होमगार्ड कर्मियों के भरोसे चल रही है।
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स्थानीय लोगों का आरोप है कि ओवरलोड वाहनों की आवाजाही पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है। गंगोरी बैली ब्रिज गंगोत्री धाम, भारत-चीन सीमा क्षेत्र और भटवाड़ी ब्लॉक के करीब 80 गांवों के लिए बेहद महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। ऐसे में पुल को किसी प्रकार का नुकसान होने पर चारधाम यात्रा के साथ सीमांत क्षेत्रों की आवाजाही भी प्रभावित हो सकती है।
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स्थानीय निवासी प्रदीप, सुनील आदि का कहना है कि जाम और भारी वाहनों की आवाजाही से पुल की प्लेट्स आवाजें कर रही है जो खतरे का संकेत है। वहीं पुल के दोनों ओर खराब सड़क और उड़ती धूल से स्थानीय व्यापारियों और यात्रियों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पुल पर वाहनों के भार की निगरानी, ट्रैफिक नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल मजबूत किया जाए।