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Uttarkashi News: तुनालका में प्लास्टिक कचरा प्रबंधन इकाई का संचालन ठप
Wed, 27 May 2026 06:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Wed, 27 May 2026 06:45 PM IST
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14 लाख से बनाए गए भवन का जिला पंचायत आज तक नहीं कर पाया उपयोग
नौगांव (उत्तरकाशी)। पंचायतों को स्वच्छ एवं प्लास्टिक मुक्त करने के लिए तुनालका में बनाए गए प्लास्टिक कचरा प्रबंधन इकाई का संचालन ठप है। इससे स्वच्छ भारत अभियान के दावों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्वजल की ओर से दो वर्ष पहले तुनालका गांव के समीप यमुनोत्री हाईवे पर करीब 14 लाख की लागत से बने प्लास्टिक कचरा प्रबंधन इकाई भवन को जिला पंचायत को हैंडओवर कर दिया था जिसे जिला पंचायत आज तक उपयोग में नहीं ला पाई है। अब यूनिट के अंदर कूड़ा निस्तारण के लिए लगाई गई मशीन भी जंग खा रही है। प्रत्येक गांव को स्वच्छ एवं प्लास्टिक कचरा मुक्त के उद्देश्य से स्वच्छ भारत मिशन के तहत जनपद के प्रत्येक ब्लॉक में एक एक प्लास्टिक कचरा प्रबंधन इकाई की स्थापना की गई है जिसका उद्देश्य स्वच्छता वाहनों से ग्राम पंचायतों से आने वाले सूखे कूड़े का मशीन से निस्तारण करना था।
बीते वर्ष यूनिट का शटर आपदा के मलबे से क्षतिग्रस्त हो गया था। आपदा के एक वर्ष बाद न तो आपदा का मलबा हटा और न ही टूटा शटर ठीक हो पाया। लावारिस हालात में पड़ी यूनिट के अंदर रखी कीमती मशीन का भी चोरी होने का खतरा बना है। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी श्याम लाल का कहना है कि 2025 में यूनिट के भवन का एक हिस्सा आपदा से क्षतिग्रस्त हो गया था जिसे बजट के अभाव में ठीक नहीं करवाया जा सका। क्षतिग्रस्त यूनिट को जिला पंचायत स्वयं के संसाधनों से ठीक करने का प्रयास किया कर रही है।
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नौगांव (उत्तरकाशी)। पंचायतों को स्वच्छ एवं प्लास्टिक मुक्त करने के लिए तुनालका में बनाए गए प्लास्टिक कचरा प्रबंधन इकाई का संचालन ठप है। इससे स्वच्छ भारत अभियान के दावों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्वजल की ओर से दो वर्ष पहले तुनालका गांव के समीप यमुनोत्री हाईवे पर करीब 14 लाख की लागत से बने प्लास्टिक कचरा प्रबंधन इकाई भवन को जिला पंचायत को हैंडओवर कर दिया था जिसे जिला पंचायत आज तक उपयोग में नहीं ला पाई है। अब यूनिट के अंदर कूड़ा निस्तारण के लिए लगाई गई मशीन भी जंग खा रही है। प्रत्येक गांव को स्वच्छ एवं प्लास्टिक कचरा मुक्त के उद्देश्य से स्वच्छ भारत मिशन के तहत जनपद के प्रत्येक ब्लॉक में एक एक प्लास्टिक कचरा प्रबंधन इकाई की स्थापना की गई है जिसका उद्देश्य स्वच्छता वाहनों से ग्राम पंचायतों से आने वाले सूखे कूड़े का मशीन से निस्तारण करना था।
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बीते वर्ष यूनिट का शटर आपदा के मलबे से क्षतिग्रस्त हो गया था। आपदा के एक वर्ष बाद न तो आपदा का मलबा हटा और न ही टूटा शटर ठीक हो पाया। लावारिस हालात में पड़ी यूनिट के अंदर रखी कीमती मशीन का भी चोरी होने का खतरा बना है। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी श्याम लाल का कहना है कि 2025 में यूनिट के भवन का एक हिस्सा आपदा से क्षतिग्रस्त हो गया था जिसे बजट के अभाव में ठीक नहीं करवाया जा सका। क्षतिग्रस्त यूनिट को जिला पंचायत स्वयं के संसाधनों से ठीक करने का प्रयास किया कर रही है।
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