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Uttarkashi News: एनआईएम का माउंट नुन–कुन अभियान शुरू
Wed, 05 Aug 2026 05:36 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Wed, 05 Aug 2026 05:36 PM IST
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14 सदस्यीय दल सफलता पूर्व जम्मू-कश्मीर के सोनमर्ग पहुंचा
उत्तरकाशी। नेहरु पर्वतारोहण संस्थान उत्तरकाशी ने देश के प्रतिष्ठित उच्च हिमालयी अभियानों में शामिल माउंट नुन–कुन अभियान का शुभारंभ किया गया। पर्वतारोहण कौशल, तकनीकी दक्षता और साहसिक नेतृत्व की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए संस्थान का 14 सदस्यीय अभियान दल यात्रा के प्रथम चरण को सफलतापूर्वक पूरा कर जम्मू-कश्मीर के सोनमर्ग पहुंच गया है।
एनआईएम के प्रधानाचार्य कर्नल एसएस राजपुरोहित के नेतृत्व में दल फिलहाल उच्च हिमालयी परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को तैयार करने के लिए अनुकूलन (एक्लाइमेटाइजेशन) प्रक्रिया से गुजर रहा है। मौसम और पर्वतीय परिस्थितियां अनुकूल रहने पर यहीं से शिखर आरोहण का मुख्य अभियान शुरू किया जाएगा। लद्दाख की सुरु घाटी में स्थित माउंट नुन (7,135 मीटर) और माउंट कुन (7,077 मीटर) भारत की सबसे चुनौतीपूर्ण हिमालयी चोटियों में शामिल है।
इन शिखरों पर सफल आरोहण के लिए तकनीकी कौशल, शारीरिक क्षमता, मानसिक दृढ़ता, अनुशासन, जोखिम प्रबंधन और मजबूत टीम भावना की आवश्यकता होती है। संस्थान के अनुसार अभियान की योजना सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और जिम्मेदार पर्वतारोहण के सिद्धांतों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तैयार की गई है।
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अभियान दल में एनआईएम के अनुभवी प्रशिक्षक और दक्ष पर्वतारोही शामिल है जो चरणबद्ध तरीके से उच्च शिविर स्थापित करने के बाद दोनों चोटियों पर आरोहण का प्रयास करेंगे। एनआईएम का यह अभियान केवल शिखर विजय तक सीमित नहीं है बल्कि भारतीय पर्वतारोहण की उत्कृष्ट परंपरा, प्रशिक्षण क्षमता और साहसिक नेतृत्व का भी परिचायक है।
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उत्तरकाशी। नेहरु पर्वतारोहण संस्थान उत्तरकाशी ने देश के प्रतिष्ठित उच्च हिमालयी अभियानों में शामिल माउंट नुन–कुन अभियान का शुभारंभ किया गया। पर्वतारोहण कौशल, तकनीकी दक्षता और साहसिक नेतृत्व की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए संस्थान का 14 सदस्यीय अभियान दल यात्रा के प्रथम चरण को सफलतापूर्वक पूरा कर जम्मू-कश्मीर के सोनमर्ग पहुंच गया है।
एनआईएम के प्रधानाचार्य कर्नल एसएस राजपुरोहित के नेतृत्व में दल फिलहाल उच्च हिमालयी परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को तैयार करने के लिए अनुकूलन (एक्लाइमेटाइजेशन) प्रक्रिया से गुजर रहा है। मौसम और पर्वतीय परिस्थितियां अनुकूल रहने पर यहीं से शिखर आरोहण का मुख्य अभियान शुरू किया जाएगा। लद्दाख की सुरु घाटी में स्थित माउंट नुन (7,135 मीटर) और माउंट कुन (7,077 मीटर) भारत की सबसे चुनौतीपूर्ण हिमालयी चोटियों में शामिल है।
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इन शिखरों पर सफल आरोहण के लिए तकनीकी कौशल, शारीरिक क्षमता, मानसिक दृढ़ता, अनुशासन, जोखिम प्रबंधन और मजबूत टीम भावना की आवश्यकता होती है। संस्थान के अनुसार अभियान की योजना सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और जिम्मेदार पर्वतारोहण के सिद्धांतों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तैयार की गई है।
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अभियान दल में एनआईएम के अनुभवी प्रशिक्षक और दक्ष पर्वतारोही शामिल है जो चरणबद्ध तरीके से उच्च शिविर स्थापित करने के बाद दोनों चोटियों पर आरोहण का प्रयास करेंगे। एनआईएम का यह अभियान केवल शिखर विजय तक सीमित नहीं है बल्कि भारतीय पर्वतारोहण की उत्कृष्ट परंपरा, प्रशिक्षण क्षमता और साहसिक नेतृत्व का भी परिचायक है।