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मुखबा स्थित मंदिर में विराजमान हुई मां गंगा की भोग मूर्ति
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बीते रोज अन्नकूट पर्व पर गंगोत्री मंदिर के कपाट बंद होने के बाद सोमवार को भैया दूज के पावन पर्व पर मां गंगा की डोली यात्रा शीतकालीन प्रवास तीर्थ पुरोहितों के गांव मुखबा पहुंची। यहां विधि विधान के साथ मां गंगा की भोग मूर्ति को मंदिर में विराजमान किया गया। अब शीतकाल में यहीं मां गंगा के दर्शन और पूजा-अर्चना की जाएगी।
रविवार को गंगोत्री मंदिर के कपाट बंद होने के बाद मां गंगा की डोली यात्रा गंगोत्री से मुखबा के लिए रवाना हुई थी। डोली यात्रा ने रात को मार्कण्डेय स्थित देवी मंदिर में विश्राम किया। सोमवार सुबह डोली यात्रा मार्कण्डेय से मुखबा गांव के लिए रवाना हुई। मुखबा पहुंचने पर ग्रामीणों ने गांव की बेटी गंगा का भव्य स्वागत किया। मां गंगा की भोग मूर्ति को विधि विधान एवं धार्मिक अनुष्ठान के साथ मुखबा स्थित गंगा मंदिर में स्थापित किया गया।
गंगा के पुजारी सुधांशु सेमवाल ने बताया कि अब शीतकाल में यहीं मां गंगा के दर्शन और पूजा-अर्चना की जाएगी। उन्होंने मां गंगा के आगमन के साथ ही क्षेत्र में बर्फबारी होने को शुभ संकेत बताया। इस अवसर पर गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल, सचिव दीपक सेमवाल, संजीव सेमवाल, राजेश सेमवाल आदि मौजूद रहे।
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रविवार को गंगोत्री मंदिर के कपाट बंद होने के बाद मां गंगा की डोली यात्रा गंगोत्री से मुखबा के लिए रवाना हुई थी। डोली यात्रा ने रात को मार्कण्डेय स्थित देवी मंदिर में विश्राम किया। सोमवार सुबह डोली यात्रा मार्कण्डेय से मुखबा गांव के लिए रवाना हुई। मुखबा पहुंचने पर ग्रामीणों ने गांव की बेटी गंगा का भव्य स्वागत किया। मां गंगा की भोग मूर्ति को विधि विधान एवं धार्मिक अनुष्ठान के साथ मुखबा स्थित गंगा मंदिर में स्थापित किया गया।
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गंगा के पुजारी सुधांशु सेमवाल ने बताया कि अब शीतकाल में यहीं मां गंगा के दर्शन और पूजा-अर्चना की जाएगी। उन्होंने मां गंगा के आगमन के साथ ही क्षेत्र में बर्फबारी होने को शुभ संकेत बताया। इस अवसर पर गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल, सचिव दीपक सेमवाल, संजीव सेमवाल, राजेश सेमवाल आदि मौजूद रहे।
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